क्या लिवर में भी हो सकती है पथरी? भूलकर भी न करें इन शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज

आमतौर पर लोग गॉलब्लेडर या किडनी की पथरी के बारे में सुनते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लिवर में भी पथरी हो सकती है? इसे 'इंट्राहेपेटिक स्टोन्स' कहा जाता है। यह तब बनती है जब लिवर के अंदर पित्त जम जाता है और सख्त रूप ले लेता है। आइए जानते हैं कि इसके शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

does-liver-have-stones-liver-mein-pathri-hone-ke-karan | Image: Meta AI

आमतौर पर जब भी 'पथरी' का नाम आता है, तो हमारा ध्यान सबसे पहले किडनी या गॉलब्लैडर की तरफ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पथरी आपके लिवर में भी हो सकती है? इसे मेडिकल भाषा में हेपेटोलिथियासिस या इंट्राहेपेटिक स्टोन्स कहा जाता है। लिवर हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, और इसमें पथरी होना एक गंभीर स्थिति हो सकती है। आइए जानते हैं कि यह क्यों होती है और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं।

लिवर में पथरी क्यों बनती है?

लिवर लगातार 'बायल जूस' बनाता है, जो खाना पचाने में मदद करता है। जब लिवर के अंदर मौजूद पित्त की नलियों में कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम या बिलीरुबिन जमा होने लगता है, तो यह धीरे-धीरे सख्त होकर पथरी का रूप ले लेता है। सही समय पर इलाज न मिलने से यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

लिवर की पथरी की सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण बहुत सामान्य लगते हैं, जिन्हें लोग अक्सर गैस या बदहजमी समझकर छोड़ देते हैं। 
लिवर पेट के दाहिनी तरफ होता है। अगर आपको इस हिस्से में लगातार या अचानक तेज दर्द होता है, जो पीठ तक जाता है, तो यह पथरी का संकेत हो सकता है।
पेट में भारीपन महसूस होना, कुछ भी खाने पर तुरंत उल्टी जैसा मन होना लिवर में गड़बड़ी का इशारा है।
जब पथरी के कारण पित्त का रास्ता रुक जाता है, तो त्वचा और आंखों का रंग पीला होने लगता है। साथ ही पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है।
लिवर में पथरी के कारण अगर इंफेक्शन बढ़ जाता है, तो मरीज को ठंड लगकर तेज बुखार आ सकता है।
बिना ज्यादा काम किए भी शरीर में हर वक्त सुस्ती और कमजोरी बने रहना।

अपने लाइफस्टाइल में करें बदलाव 

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें।
ज्यादा तेल-मसालेदार और फैटी फूड्स से दूरी बनाएं।
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि टॉक्सिंस बाहर निकल सकें।
नियमित रूप से व्यायाम या वॉक करें।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं।  REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 6 July 2026 at 12:21 IST