Copper Bottle Toxicity: तांबे की बोतल में पानी पीने के हैं खूब फायदे, लेकिन इन 3 चीजों को भूलकर भी ना डालें वरना सेहत को होगा नुकसान
Copper Bottle Toxicity: क्या आप भी तांबे की बोतल को पानी पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं? इन तीन चीजों को भूलकर भी न डालें वरना आपकी सेहत को फायदा पहुंचने के लिए नुकसान ही पहुंचेगा।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Copper Bottle Toxicity: आजकल हेल्दी रहने के लिए तांबे की बोतल में पानी पीने का चलन काफी बढ़ गया है। आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना फायदेमंद माना गया है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। कई लोग इसमें नींबू का पानी, जीरा पानी या फिर गर्म पानी भरकर रख देते हैं। ऐसा करना सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। यदि आप भी कॉपर की बोतल का हमेशा यूज करते हैं, तो इन बातों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
नींबू और जीरा पानी है खतरनाक
नींबू और जीरे में एसिडिटी होती है। जब इन्हें तांबे की बोतल में डाला जाता है, तो ये कॉपर के साथ प्रतिक्रिया करके विषैले कॉपर साल्ट्स बनाते हैं। ये साल्ट्स पानी में घुल जाते हैं और शरीर में जाकर नुकसान पहुंचाते हैं। तांबे की बोतल में केवल नॉर्मल तापमान का पानी ही रखना चाहिए। इसमें कोई भी खट्टी या एसिडिक चीजें नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि इससे तांबे का पानी में घुलना यानी कॉपर लीचिंग काफी बढ़ जाता है।
गर्म पानी से बढ़ जाता है जोखिम
तांबे की बोतल में कभी भी गर्म या खौलता हुआ पानी नहीं डालना चाहिए। गर्म पानी में तांबा बहुत तेजी से घुलने लगता है, जिससे पानी में कॉपर की मात्रा असुरक्षित स्तर तक बढ़ सकती है। इसे कॉपर टॉक्सिसिटी कहा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है।
बॉटल पर हरे निशान का क्या होता है मतलब
यदि आपकी तांबे की बोतल के अंदर हरे रंग के निशान दिखाई दे रहे हैं, तो यह ऑक्सीडेशन का संकेत है। ये कॉपर कार्बोनेट होते हैं। बोतल के अंदर ऐसी परत जमने पर उसे अच्छी तरह साफ करना बहुत आवश्यक है, अन्यथा यह हेल्थ के लिए समस्या खड़ी कर सकता है।
कॉपर टॉक्सिसिटी होने पर जी मिचलाना, उल्टी आना, पेट में मरोड़ और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों में यह जोखिम और भी अधिक होता है क्योंकि उनका शरीर बड़ों की तुलना में अधिक संवेदनशील होता है।
तांबे की बोतल को सुरक्षित रखने के तरीके
- तांबे की बोतल में केवल सादा पानी ही रखें।
- पानी को बोतल में 6 से 12 घंटे तक ही रहने दें।
- इसमें नींबू, जीरा, सिरका या कोई भी एसिडिक चीज बिल्कुल न डालें।
- बोतल में गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।
- समय-समय पर बोतल को अच्छी तरह साफ करते रहें।
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 23 June 2026 at 19:32 IST