World Cheapest Country: दुनिया का सबसे सस्ता देश कौनसा है? नहीं है कोई समुद्री सीमा, जानिए भारत से है कितना दूर 

दुनिया का सबसे सस्ता देश भारत से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर है। भारत से यहां पहुंचना काफी आसान है। अगर आप भी विदेश घूमना चाहते हैं लेकिन आपका बजट कम है तो आप यहां जाने का प्लान बना सकते हैं। जानें कैसा है ये देश और क्यों है सबसे सस्ता?

दुनिया का सबसे सस्ता देश है लाओस | Image: Grab/X

Budget Travel 2026: दुनिया के सबसे सस्ते ट्रैवल डेस्टिनेशन के बारे में हम आज आपको बताने जा रहे हैं। खुशी की बात ये है कि ये भारत से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर ही है। ऐसे में अगर आप विदेश घूमना चाहते हैं लेकिन बजट की टेंशन है तो लाओस आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन ऑप्शन हो सकता है।

लाओस को 2025 और 2026 दोनों सालों के लिए दुनिया का सबसे किफायती देश बताया गया है। यहां एक दिन का खर्च औसतन 15 से 25 डॉलर (करीब 1300-2100 रुपये) तक ही पड़ता है, जिसमें रहना, खाना और लोकल घूमना शामिल है। वहीं, भारत से लाओस पहुंचना भी काफी आसान है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से भी यहां कि कनेक्टिंग फ्लाइट्स हैं, यहां की यात्रा में करीब 5 से 9 घंटे लगते हैं। हालांकि कोई डायरेक्ट फ्लाइट तो नहीं है, लेकिन बैंकॉक और हनोई होते हुए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

 

कैसा देश है लाओस?

लाओस दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र स्थलरुद्ध (landlocked) देश है। इसकी सीमाएं चीन, वियतनाम, कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार से लगती हैं। देश का कुल क्षेत्रफल करीब 2,36,800 वर्ग किलोमीटर है। यहां का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ों और घने जंगलों से भरा है। यहां कि मेकांग नदी को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, जो खेती और परिवहन के लिए जरूरी है। इधर 2 मौसम है, मई से नवंबर तक बारिश और दिसंबर से अप्रैल तक सूखा मौसम। घूमने के लिए नवंबर से फरवरी का वक्त सबसे अच्छा माना जाता है।

देश में थेरवाद बौद्ध धर्म की है मान्यता

जनसंख्या और यहां की संस्कृति के बारे में बात की जाए तो, 2026 के शुरू में लाओस की जनसंख्या करीब 7.97 मिलियन (लगभग 80 लाख) है। यहां औसत उम्र 25 साल के आसपास है, यानी युवा आबादी सबसे ज्यादा है। देश में थेरवाद बौद्ध धर्म की गहरी छाप देखने को मिलती है। लुआंग प्रबांग यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जहां सुबह भिक्षुओं को भिक्षा देते देखना अनोखा अनुभव है।

पिछले साल 4.6 मिलियन से ज्यादा पर्यटक पहुंचे 

यहां के लोग काफी सादा जीवन जीते हैं। प्रमुख त्योहारों में लाओ न्यू ईयर (पी माई) और पारंपरिक नाव दौड़ शामिल हैं। आधिकारिक भाषा लाओ है, जो थाई भाषा से मिलती-जुलती है। लाओस एक विकासशील देश है। यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, जलविद्युत और बढ़ते पर्यटन पर टिकी है। 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग खेती पर निर्भर हैं। चावल, कॉफी और रबर मुख्य फसलें हैं।पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। साल 2025 में लाओस ने 4.6 मिलियन से ज्यादा पर्यटक स्वागत किए, जो लक्ष्य से ज्यादा था।

क्यों है लाओस सबसे सस्ता?

साल 2026 में 5 से 6 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का टारगेट रखा गया है। चीन-लाओस रेलवे की वजह से चीनी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हेलोसेफ (HelloSafe) और इंडी ट्रैवलर जैसे अध्ययनों के मुताबिक लाओस 2025-26 में सबसे सस्ता ट्रैवल डेस्टिनेशन है। होस्टल या गेस्टहाउस में रात का खर्च 7-10 डॉलर से शुरू होता है। लोकल खाना 2 डॉलर में मिल जाता है। स्कूटर रेंट पर 8 डॉलर रोजाना मिल सकता है। यहां लुआंग प्रबांग के बौद्ध मंदिर और फ्रेंच कॉलोनियल आर्किटेक्चर बहुत खुबसूरत दिखते हैं। मेकांग नदी पर सनसेट क्रूज और वांग वियेंग की गुफाएं और ट्यूबिंग भी अद्भुत है, इसके अलावा बोलावेन पठार के झरने और कॉफी प्लांटेशन भी यहां विदेशों से लोग देखने आते हैं।

भारतीय पर्यटकों के लिए बेहतरीन ऑप्शन

भारतीय पर्यटकों के लिए लाओस शांत वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और कम खर्च का बेहतरीन कॉम्बिनेशन ऑफर करता है। वीजा ऑन अराइवल या ई-वीजा आसानी से मिल जाता है। अगर आप कम बजट में विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो लाओस को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें। प्रकृति, संस्कृति और शांति एक साथ मिलेगी, साथ ही जेब पर भी कम खर्च पड़ेगा। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 3 April 2026 at 20:17 IST