Chemically Ripened Mangoes: बाजार में बिक रहे केमिकल से पके आम, जो सेहत के लिए हैं खतरनाक; ऐसे करें असली की पहचान

बाजार में केमिकल से पके आमों से सावधान रहना जरूरी है, नहीं तो ये आपको बीमार कर सकते हैं। हम बताने जा रहे हैं कुछ खास तरीके जिससे आप असली पेड़ वाले आम की पहचान कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर

बाजार में मिल रहे हैं केमिकल से पकाए गए आम, इन 3 तरीकों से पहचानें | Image: Freepik

Mango Buying Tips: आम भारतीयों का सबसे पसंदीदा फल है, लेकिन इस सीजन में बाजार में केमिकल से पकाए गए आमों की भरमार देखने को मिल रही है। दरअसल, हैदराबाद में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लगभग 200 किलो संदिग्ध केमिकल वाले आम जब्त किए थे, जो स्थानीय बाजारों में बिक रहे थे। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है।

कौन से केमिकल इस्तेमाल होते हैं?

आमों को जल्दी पकाने और आकर्षक पीला रंग देने के लिए कैल्शियम कार्बाइड (Calcium Carbide) जैसे हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके लंबे समय तक सेवन से सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, सांस की तकलीफ और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

रंग देखकर पहचानें 

केमिकल से पके आम का रंग एकदम चटक पीला होता है। जबकि पेड़ पर पके आम हल्के पीले या हरे-पीले रंग के होते हैं। अगर सभी आम एक जैसे चमकदार पीले दिख रहे हैं तो सावधानी बरतें। 

दबाकर टेस्ट करें, केमिकल वाले आम बाहर से सख्त महसूस होते हैं लेकिन अंदर से ज्यादा गले हुए होते हैं। प्राकृतिक आम दबाने पर थोड़ा नरम लेकिन एक समान महसूस होता है। स्वाद भी केमिकल वाले आमों में हल्का फीका पड़ सकता है। 

इंजेक्शन के निशान चेक करें, आम की चोपी (डंठल) के पास या नीचे की तरफ काले धब्बे या दबे निशान इंजेक्शन के हो सकते हैं। खरीदते वक्त इन निशानों को जरूर देखें।

मौसमी और स्थानीय किसानों से आम खरीदना चाहिए और बहुत सस्ते या एकदम चमकदार आमों से भी बचें। इसके अलावा घर लाकर कुछ घंटे नेचुरल तरीके से पकने दें। फिर उसे खाए।

प्राकृतिक आम पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं और सेहत के लिए सुरक्षित हैं। इस सीजन में सावधानी से आम का आनंद लें।

यह भी पढ़ें: Rajasthan: बीकानेर में भी सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 9 June 2026 at 14:25 IST