श्री वामसी राम मोहन बुर्रा ने पावरग्रिड के सीएमडी का पदभार संभाला
पावरग्रिड टेलीसर्विसेज लिमिटेड के सीईओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री वामसी ने कंपनी के टेलीकॉम बिजनेस के विस्तार का नेतृत्व किया और पावरग्रिड के पहले डेटा सेंटर परियोजना की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्री वामसी राम मोहन बुर्रा ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड), विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम, के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का पदभार ग्रहण किया है। इस पद पर पदोन्नति से पूर्व वह पावरग्रिड में निदेशक (परियोजना) के रूप में कार्यरत थे।
एक कुशल इंजीनियरिंग पेशेवर के रूप में, श्री वामसी इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। उन्होंने प्लानिंग एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा के साथ-साथ मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआई), गुरुग्राम से प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हार्वर्ड मैनेज मेंटर (एचएमएम) प्रोग्राम तथा इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), हैदराबाद में उन्नत प्रबंधन कार्यक्रमों के माध्यम से अपने नेतृत्व कौशल को और सुदृढ़ किया है।
श्री वामसी वर्ष 1993 में पावरग्रिड में शामिल किए गए एग्जीक्यूटिव ट्रेनीज़ के प्रथम बैच से संबंधित हैं, जो संगठन के नेतृत्व विकास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। विद्युत पारेषण और टेलीकॉम सेक्टर में 33 वर्षों से अधिक के समृद्ध और विविध अनुभव के साथ, श्री वामसी ने पावरग्रिड में क्षेत्रीय और कॉर्पोरेट स्तर पर कई महत्वपूर्ण लीडरशिप, नीतिनिर्धारण और रणनीतिक भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी पेशेवर विशेषज्ञता परियोजना, प्रोक्योरमेंट, कमर्शियल, रेगुलेटरी मामलों, परिसंपत्ति प्रबंधन और टेलीकॉम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विस्तृत है।
वे पावरग्रिड के रेगुलेटरी सेल के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं, जहां पावर सेक्टर के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की उनकी गहरी समझ ने संगठन की नियामक रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया में पावरग्रिड की एंट्री के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में, उन्होंने बदलते विद्युत पारेषण बाजार में कंपनी को सफलतापूर्वक स्थापित करने में अहम योगदान दिया।
पावरग्रिड टेलीसर्विसेज लिमिटेड के सीईओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री वामसी ने कंपनी के टेलीकॉम बिजनेस के विस्तार का नेतृत्व किया और पावरग्रिड के पहले डेटा सेंटर परियोजना की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो संगठन की डिजिटल यात्रा में एक अहम मील का पत्थर है। डिजिटलाइजेशन और मशीनीकरण के प्रबल समर्थक के रूप में, श्री वामसी ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन में परिवर्तनकारी सुधार लागू किए हैं, जिससे बड़े पैमाने की बुनियादी परियोजनाओं में दक्षता, पारदर्शिता और कार्य निष्पादन के परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 1 April 2026 at 20:09 IST