अपडेटेड 18 March 2026 at 18:52 IST

पंजाब बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को 2,000 करोड़ का आवंटन

चंडीगढ़, 16 मार्च 2026: पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री सेहत योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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Punjab Budget 2026 | Image: X

चंडीगढ़, 16 मार्च 2026: पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री सेहत योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह योजना राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य सुरक्षा पहलों में शामिल है, जिसका उद्देश्य हर परिवार को बिना आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।

हर परिवार को मिलेगा कैशलेस इलाज

सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी परिवार को इलाज के दौरान पैसों की चिंता न करनी पड़े। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाले खर्च का बोझ काफी हद तक कम हो रहा है।

65 लाख परिवारों को मिल रहा लाभ

वर्तमान में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लगभग 65 लाख परिवारों को कवर किया जा चुका है, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है और लगातार इसकी पहुंच बढ़ाई जा रही है।

9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी

अब तक 9 लाख से ज्यादा सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इन कार्ड्स के जरिए लाभार्थी 820 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवा सकते हैं। योजना के तहत 2300 से ज्यादा उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं, जो अलग-अलग बीमारियों को कवर करते हैं।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बीमारी के समय परिवारों को इलाज से पहले पैसों के बारे में नहीं सोचना चाहिए। उनका कहना है कि राज्य का हर नागरिक यह भरोसा रखे कि जरूरत पड़ने पर उसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के जरिए हजारों परिवार अब बिना आर्थिक तनाव के इलाज करवा पा रहे हैं।

गंभीर बीमारियों का भी होगा इलाज

इस योजना के तहत हृदय रोग, कैंसर, किडनी से जुड़ी बीमारियां, ऑर्थोपेडिक उपचार और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी चोटों का इलाज भी शामिल है। यह सुविधा पूरी तरह कैशलेस है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ता।

स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी

राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 1500 से अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। इनमें 600 से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर और 900 से अधिक सामान्य चिकित्सक शामिल हैं, जो कुल डॉक्टरों का लगभग 35 प्रतिशत हैं।

पंजीकरण के लिए चलाया जा रहा अभियान

सरकार लोगों से अपील कर रही है कि वे अपने नजदीकी सेवा केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण कराएं। जागरूकता बढ़ाने के लिए युवा क्लब के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को योजना के बारे में जानकारी दे रहे हैं और पंजीकरण में मदद कर रहे हैं।
 

Published By : Kirti Soni

पब्लिश्ड 18 March 2026 at 18:52 IST