'राजा कंस का किला और शिव मंदिर लेकर रहेंगे', पासी स्वाभिमान यात्रा में लाखन आर्मी ने भरी हुंकार

सभा में सूरज पासी ने कहा कि पासी समाज अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अपने इतिहास, सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के प्रश्नों पर मजबूती से खड़ा होगा।

 
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पासी स्वाभिमान यात्रा | Image: Facebook

मलिहाबाद के कसमंडी स्थित राजपासी राजा कंस के किले और उनके आराध्य भगवान शिव के मंदिर को लेकर चल रहे अभियान को आगे बढ़ाते हुए लाखन आर्मी ने सोमवार से प्रदेशव्यापी पासी स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत कर दी। यात्रा के पहले दिन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने हरदोई जिले की संडीला और बालामऊ विधानसभा क्षेत्र के ऊसरहा, कटका कला और जुगराजपुर गांवों में जनसभाएं कर समाज को संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य पासी समाज के Gen-Z युवाओं को अपने महापुरुषों, वीरांगनाओं और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है।

ऊसरहा में आयोजित सभा में सूरज पासी ने कहा कि पासी समाज अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अपने इतिहास, सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के प्रश्नों पर मजबूती से खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है, लेकिन उसे अपने पूर्वजों के संघर्ष, बलिदान और उपलब्धियों की जानकारी भी होनी चाहिए। इसी सोच के साथ स्वाभिमान यात्रा निकाली जा रही है।

कटकाकला में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि पासी समाज में अनेक महापुरुषों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया, जिन्होंने देश, धर्म और समाज की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि एक समय अवध क्षेत्र में पासी राजाओं का प्रभाव था और उन्होंने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध लड़ाइयां लड़ीं। समाज के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

जुगराजपुर में आयोजित सभा में सूरज पासी ने कहा कि जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है, वह भविष्य का नेतृत्व नहीं कर सकता। उन्होंने राजपासी राजा कंस के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन और वीरता की गाथा को समाज के प्रत्येक युवा तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजा कंस के किले और भगवान शिव के मंदिर को लेकर चल रहा आंदोलन समाज के स्वाभिमान और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान समाज को बांटने और आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास हो सकते हैं, लेकिन समाज को एकजुट रहकर अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ना होगा।

महिलाओं को संबोधित करते हुए सूरज पासी ने कहा कि किसी भी सामाजिक आंदोलन की सफलता में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने वीरांगना ऊदा देवी का उल्लेख करते हुए महिलाओं से जनजागरण अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।

यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार रथ भी आकर्षण का केंद्र रहा। रथ पर राजा कंस, भगवान शिव और पासी समाज के इतिहास से जुड़े चित्र लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान प्रत्येक गांव से एक चुटकी मिट्टी एकत्र की गई। संगठन के अनुसार यह मिट्टी सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी का प्रतीक बनेगी।

इससे पूर्व सूरज पासी ने बक्शी का तालाब स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर में दर्शन-पूजन कर यात्रा का शुभारंभ किया। हरदोई के कार्यक्रमों के बाद वह उन्नाव के लिए रवाना हो गए, जहां उमरा खेड़ा गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन किया जाएगा।

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 9 June 2026 at 21:06 IST