अपडेटेड 29 January 2026 at 14:02 IST
इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दूसरे दिन तकनीकी नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा समाधान और वैश्विक सहयोग पर रहा जोर
नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं ने मिलकर भविष्य की कम-कार्बन, स्मार्ट और लचीली ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण पर गहन मंथन किया।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दूसरे दिन तकनीक आधारित ऊर्जा परिवर्तन और वैश्विक सहयोग केंद्र में रहे। नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं ने मिलकर भविष्य की कम-कार्बन, स्मार्ट और लचीली ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण पर गहन मंथन किया।
सम्मेलन सत्रों और प्रदर्शनी क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऊर्जा प्रबंधन, कार्बन कैप्चर और सतत ईंधन से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन को ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, उत्सर्जन घटाने और ग्रिड की विश्वसनीयता सुधारने में अहम बताया।
प्रदर्शनी स्थल पर बने 11 थीमैटिक जोन जिनमें हाइड्रोजन, एलएनजी इकोसिस्टम, बायोफ्यूल, नेट-जीरो रणनीति, रिन्यूएबल एनर्जी और डिजिटलाइजेशन एवं एआई शामिल रहे और नीति-निर्माताओं, निवेशकों और तकनीकी नवाचारकर्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद को संभव बनाया।
नेतृत्व पैनल चर्चाओं में निवेश ढांचे, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नीति समन्वय पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पूंजी प्रवाह को बढ़ाया जा सके और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके। खास तौर पर विकासशील देशों के लिए समावेशी और संतुलित ऊर्जा संक्रमण मॉडल की आवश्यकता पर सहमति बनी।
कुल मिलाकर, दूसरे दिन की चर्चाओं ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 को ऊर्जा नवाचार, वैश्विक सहयोग और संक्रमण नेतृत्व के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित किया।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 14:02 IST