अपडेटेड 29 January 2026 at 14:17 IST
इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दूसरे दिन ऊर्जा सुरक्षा, एलएनजी विस्तार और हाइड्रोजन मिशन पर रहा फोकस
गोवा स्थित ओएनजीसी एटीआई में आयोजित चौथे इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दूसरे दिन ऊर्जा सुरक्षा, गैस आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार, हाइड्रोजन अपनाने और व्यवहारिक ऊर्जा संक्रमण रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
गोवा स्थित ओएनजीसी एटीआई में आयोजित चौथे इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दूसरे दिन ऊर्जा सुरक्षा, गैस आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार, हाइड्रोजन अपनाने और व्यवहारिक ऊर्जा संक्रमण रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञों ने एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था को लेकर अपने विचार साझा किए।
दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण रहा केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा ‘हाइड्रोजन जोन’ का उद्घाटन, जिसमें हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस पहल को भारत की लो-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरे दिन इन विषयों पर हुई चर्चा
दिनभर चले रणनीतिक सत्रों में एलएनजी इकोसिस्टम के विस्तार, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने और ऊर्जा अवसंरचना विकास पर विशेष ज़ोर दिया गया। विशेषज्ञों ने प्राकृतिक गैस को संक्रमण ईंधन बताते हुए इसे ऊर्जा सुरक्षा, किफायती आपूर्ति और जलवायु लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने वाला अहम माध्यम बताया।
मंत्री स्तरीय पैनल चर्चा में इन मुद्दों पर हुई बात
मंत्री स्तरीय पैनल चर्चाओं में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक सहयोग और दीर्घकालिक निवेश रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। भारत को एक ‘ब्रिज इकॉनॉमी’ के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो विकासशील देशों की आवश्यकताओं और वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है। कुल मिलाकर, इंडिया एनर्जी वीक 2026 के दूसरे दिन ने सुरक्षित, सस्ती और सतत ऊर्जा भविष्य के निर्माण की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूती से सामने रखा।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 14:17 IST