अपडेटेड 30 January 2026 at 18:52 IST

इंडिया एनर्जी वीक 2026 के चौथे दिन वैश्विक सहयोग, भविष्य की ऊर्जा रणनीति और समापन संवाद पर रहा फोकस

समापन दिवस पर आयोजित उच्च स्तरीय सत्रों में ऊर्जा संक्रमण के दीर्घकालिक रोडमैप, निवेश ढांचे, नियामकीय सुधार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।

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India energy week 2026 | Image: Social Media

गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 के चौथे और अंतिम दिन सम्मेलन के चार दिनों के विमर्श को समेटते हुए भविष्य की ऊर्जा रणनीति, वैश्विक सहयोग और दीर्घकालिक नीति ढांचे पर गहन चर्चा हुई।

समापन दिवस पर आयोजित उच्च स्तरीय सत्रों में ऊर्जा संक्रमण के दीर्घकालिक रोडमैप, निवेश ढांचे, नियामकीय सुधार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। नीति-निर्माताओं और वैश्विक विशेषज्ञों ने ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। 

मंत्रीस्तरीय पैनल चर्चाओं में भारत की भूमिका को एक ‘ब्रिज इकॉनॉमी’ के रूप में रेखांकित किया गया, जो विकासशील देशों की आवश्यकताओं और विकसित देशों की जलवायु रणनीतियों के बीच संतुलन साध सकता है। 

प्रदर्शनी क्षेत्र में हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल एनर्जी सिस्टम और स्वच्छ ईंधन से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन जारी रहा, जिसने भारत की भविष्य-उन्मुख ऊर्जा संरचना को दर्शाया।

सम्मेलन के समापन के साथ, इंडिया एनर्जी वीक 2026 ने खुद को एशिया के प्रमुख वैश्विक ऊर्जा संवाद मंच के रूप में स्थापित किया।

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 30 January 2026 at 18:52 IST