अपडेटेड 14 January 2026 at 23:20 IST
मोटापा (Obesity) तुरंत कैसे घटाएं: स्वामी रामदेव का योगिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
मोटापा आज की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। शारीरिक एक्टीविटी की कमी, अनियमित खान-पान, तनाव और जंक फूड पर बढ़ती निर्भरता के कारण बड़ी संख्या में लोग अनावश्यक वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। इस गंभीर विषय पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने मोटापा कम करने के लिए प्राकृतिक, सरल और प्रभावी उपाय बताए हैं।
मोटापा आज की जीवनशैली से जुड़ी सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। शारीरिक एक्टीविटी की कमी, अनियमित खान-पान, तनाव और जंक फूड पर बढ़ती निर्भरता के कारण बड़ी संख्या में लोग अनावश्यक वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। इस गंभीर विषय पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने मोटापा कम करने के लिए प्राकृतिक, सरल और प्रभावी उपाय बताए हैं, जिनमें योग, अनुशासित जीवनशैली और पतंजलि के आयुर्वेदिक उत्पादों की अहम भूमिका है।
स्वामी रामदेव के अनुसार, मोटापा केवल शरीर की बनावट से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, जोड़ों के दर्द और हार्मोनल असंतुलन जैसी कई गंभीर बीमारियों की जड़ भी है। इसलिए मोटापा घटाने की प्रक्रिया अस्थायी नहीं बल्कि समग्र और स्थायी होनी चाहिए।
स्वामी रामदेव द्वारा बताए गए मोटापा घटाने के उपाय विस्तार से देखने के लिए यह वीडियो देखें..
मोटापे का मूल कारण समझना
स्वामी रामदेव बताते हैं कि मोटापा मुख्य रूप से पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म के असंतुलन के कारण होता है। जब शरीर की पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है, तो वसा का संचय होने लगता है। देर रात भोजन करना, शारीरिक निष्क्रियता, अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन और मानसिक तनाव इस समस्या को और बढ़ा देते हैं।
स्वामी रामदेव कहते हैं कि क्रैश डाइट या रासायनिक सप्लीमेंट्स की बजाय शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली को सही करना ज्यादा जरूरी है।
मोटापा घटाने के लिए योग और प्राणायाम
योग स्वामी रामदेव की मोटापा नियंत्रण पद्धति का केंद्र है। वे ऐसे योगासन और प्राणायाम सुझाते हैं, जो सीधे तौर पर फैट बर्निंग और पाचन क्रिया को सक्रिय करते हैं।
कपालभाति प्राणायाम - पेट की चर्बी घटाने और पाचन सुधारने में अत्यंत प्रभावी माना जाता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।
अनुलोम-विलोम - हार्मोन संतुलन में मदद करता है और तनाव से होने वाले वजन बढ़ने को नियंत्रित करता है।
भस्त्रिका प्राणायाम - शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और कैलोरी बर्न करने की क्षमता बढ़ाता है।
इसके अलावा भुजंगासन, पवनमुक्तासन, धनुरासन और सूर्य नमस्कार जैसे योगासन मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, पेट की चर्बी घटाते हैं और शरीर को लचीला बनाते हैं। स्वामी रामदेव नियमित अभ्यास की सलाह देते हैं।
आहार अनुशासन और जीवनशैली में सुधार
योग के साथ-साथ संतुलित और अनुशासित आहार भी उतना ही आवश्यक है। स्वामी रामदेव जंक फूड, मीठे पेय, मैदा और अत्यधिक तले-भुने भोजन से बचने की सलाह देते हैं। इसके स्थान पर सात्विक, मौसमी और शाकाहारी भोजन अपनाने पर जोर देते हैं।
समय पर भोजन करना, देर रात खाने से बचना और ध्यानपूर्वक भोजन करना मोटापा नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी है। सुबह गुनगुना पानी पीने से शरीर का विषहरण होता है और पाचन सुधरता है।
पतंजलि के आयुर्वेदिक उत्पादों का सहयोग
योग और आहार के साथ स्वामी रामदेव कुछ पतंजलि आयुर्वेदिक उत्पादों के सेवन की भी सलाह देते हैं, जो प्राकृतिक रूप से वजन घटाने में सहायक होते हैं। ये उत्पाद पाचन सुधारते हैं, मेटाबॉलिज्म को संतुलित करते हैं और बिना किसी दुष्प्रभाव के अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद करते हैं। दिव्य मेदोहर वटी, पतंजलि एलोवेरा जूस और पतंजलि त्रिफला चूर्ण जैसे उत्पाद मोटापा प्रबंधन में सहायक माने जाते हैं।
मानसिक संतुलन और निरंतरता का महत्व
स्वामी रामदेव के अनुसार केवल शारीरिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, जब तक मानसिक अनुशासन न हो। तनाव, चिंता और भावनात्मक भोजन मोटापे को बढ़ाते हैं। ध्यान और प्राणायाम से मन शांत होता है और स्वस्थ आदतों को अपनाना आसान हो जाता है। निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है। छोटे-छोटे प्रयास यदि रोज किए जाएं, तो उनके परिणाम लंबे समय तक टिकाऊ और प्रभावी होते हैं।
स्वस्थ शरीर की ओर एक प्राकृतिक मार्ग
स्वामी रामदेव का मोटापा घटाने का तरीका प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक जीवनशैली का संतुलित मिश्रण है। योग, आयुर्वेद, अनुशासित जीवनशैली और पतंजलि के प्राकृतिक उत्पादों को अपनाकर मोटापा प्रभावी रूप से और स्थायी रूप से कम किया जा सकता है। यह दृष्टिकोण केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को संपूर्ण स्वास्थ्य, ऊर्जा और रोगमुक्त जीवन की ओर ले जाता है।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 14 January 2026 at 23:20 IST