अपडेटेड 27 February 2026 at 21:40 IST

वैश्विक ब्रांड अब आयुर्वेद को क्यों अपना रहे हैं? क्या भारत पहले से जानता था इसकी ताकत?

Global Ayurveda Boom: न्यूयॉर्क में हल्दी लट्टे से लेकर लंदन में नीम-आधारित स्किनकेयर तक, आयुर्वेदिक तत्व वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो रहे हैं। दुनिया भर में लोग प्राकृतिक वेलनेस समाधानों और प्लांट-बेस्ड इम्यूनिटी बूस्टर की तलाश में हैं।

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Ayurveda Boom | Image: Social Media

Global Ayurveda Boom: न्यूयॉर्क में हल्दी लट्टे से लेकर लंदन में नीम-आधारित स्किनकेयर तक, आयुर्वेदिक तत्व वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो रहे हैं।

दुनिया भर में लोग प्राकृतिक वेलनेस समाधानों और प्लांट-बेस्ड इम्यूनिटी बूस्टर की तलाश में हैं।

वैश्विक वेलनेस बूम

न्यूयॉर्क के 'हल्दी लट्टे' से लेकर लंदन के 'नीम स्किनकेयर' तक, आयुर्वेद अब एक ग्लोबल ट्रेंड बन चुका है। हल्दी, अश्वगंधा और तुलसी - जो कभी भारतीय घरों की सामान्य सामग्री थे - अब अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स का हिस्सा हैं।

भारत की अग्रणी भूमिका

पश्चिमी ब्रांड्स से पहले, भारतीय कंपनियाँ आयुर्वेदिक उत्पाद बना रही थीं। पतंजलि ने आयुर्वेद को मुख्यधारा उपभोक्ता उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया।

इससे साबित हुआ कि पारंपरिक भारतीय फॉर्मूलेशन बहुराष्ट्रीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। 

इसके बाद बड़ा सवाल है कि क्या यह सिर्फ ट्रेंड है या वैश्विक स्वास्थ्य सोच में स्थायी बदलाव?

Published By : Shashank Kumar

पब्लिश्ड 27 February 2026 at 21:40 IST