लुधियाना के लिए 'गेम चेंजर' बनी मान सरकार; हलवारा को मिला 'HWR' कोड, अब 6 घंटे का सफर सिर्फ 60 मिनट में

हलवारा एयरपोर्ट का विचार 30 साल पुराना है, लेकिन यह फाइलों से बाहर तब निकला जब 22 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की।

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Bhagwant Mann | Image: ANI

हलवारा एयरपोर्ट का शुरू होना महज़ एक उद्घाटन नहीं है, बल्कि पंजाब सरकार की प्रशासनिक कार्यकुशलता की जीत है। 1990 के दशक से लटका यह प्रोजेक्ट पिछली सरकारों के लिए केवल चुनावी वादा बना रहा, लेकिन भगवंत मान सरकार ने इसे 'प्रोजेक्ट ऑफ प्राइड' माना। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की निजी निगरानी और एयर इंडिया व नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ हुई दर्जनों बैठकों ने उस बाधा को तोड़ा जो 30 सालों से लुधियाना की तरक्की को रोके हुए थी। आज हलवारा का रनवे तैयार है और इसके साथ ही तैयार है लुधियाना की इंडस्ट्री के लिए वैश्विक उड़ान का नया रास्ता।

पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना को दशकों से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट की ज़रूरत थी। हलवारा एयरपोर्ट का विचार 30 साल पुराना है, लेकिन यह फाइलों से बाहर तब निकला जब 22 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की। सरकार ने केवल बातें नहीं की, बल्कि 11 दिसंबर 2022 को तुरंत 50 करोड़ रुपये जारी किए ताकि रुका हुआ निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो सके। यह पंजाब सरकार की आर्थिक इच्छाशक्ति थी जिसने एक 'डेड प्रोजेक्ट' में जान फूंकी।

इस प्रोजेक्ट को हकीकत बनाने में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। अगस्त 2023 से लेकर जनवरी 2026 तक, उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और एयर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कीं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण 4 फरवरी 2025 को मिला, जब हलवारा को अपना आधिकारिक एयरपोर्ट कोड 'HWR' प्राप्त हुआ। यह कोड मिलना इस बात की पुष्टि थी कि अब हलवारा कागजों पर नहीं, बल्कि दुनिया के हवाई नक्शे पर आ चुका है।

बदलाव का सबसे व्यावहारिक पहलू समय और पैसे की बचत है। अब तक लुधियाना के कारोबारियों को दिल्ली जाने के लिए सड़क मार्ग से 5 से 6 घंटे का संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब यह सफर मात्र 60 मिनट का रह गया है। एयर इंडिया ने सप्ताह में सातों दिन उड़ानें संचालित करने की मंजूरी दी है, जो लुधियाना की ₹50,000 करोड़ की होजरी और साइकिल इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह सीधी कनेक्टिविटी विदेशी निवेशकों को लुधियाना खींचने में मील का पत्थर बनेगी।

प्रोजेक्ट के अंतिम चरणों में पंजाब सरकार ने जिस तेज़ी से काम किया, वह काबिले तारीफ है। 15 जनवरी 2026 को अंतिम सुरक्षा ऑडिट (BCAS) पूरा किया गया और तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए 1 फरवरी 2026 को इस आधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन सुनिश्चित किया गया। बीते दिन मीडिया से बातचीत करते हुए संजीव अरोरा ने कहा कि विपक्षी दल भले ही आज इसके क्रेडिट की बात करें, लेकिन हकीकत यह है कि 20 से ज़्यादा हाई-लेवल मीटिंग्स और ग्राउंड-लेवल इंस्पेक्शन के ज़रिए पंजाब सरकार ने इसे मुमकिन बनाया है।

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 3 April 2026 at 19:43 IST