अपडेटेड 22 January 2026 at 21:59 IST
ED केस में अरविंद केजरीवाल की बड़ी जीत, दो केसों में कोर्ट ने किया बरी, पूर्व CM बोले- सत्यमेव जयते
आम आदमी पार्टी की ईमानदार राजनीति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता की एक बड़ी न्यायिक पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा समन की कथित अवहेलना से जुड़े दोनों मामलों में पूरी तरह बरी कर दिया।
आम आदमी पार्टी की ईमानदार राजनीति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता की एक बड़ी न्यायिक पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा समन की कथित अवहेलना से जुड़े दोनों मामलों में पूरी तरह बरी कर दिया।
केजरीवाल ने कहा- सत्यमेव जयते
फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त लेकिन गहरे अर्थ वाला संदेश साझा किया और लिखा- सत्यमेव जयते।
यह वही मामले थे जिन पर आम आदमी पार्टी का आरोप रहा है कि ईडी ने राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की थी। अदालत के फैसले ने स्पष्ट कर दिया कि समन को लेकर लगाए गए आरोप न्यायिक जांच में टिक नहीं पाए। यह फैसला अपने आप में सत्य, संविधान और कानून के शासन की जीत के रूप में सामने आया है।
अदालत का निर्णय निर्भीक राजनीति को मजबूती देने वाला
अरविंद केजरीवाल शुरू से यह कहते रहे हैं कि वह कानून और संविधान का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक कार्रवाई का विरोध करना भी लोकतांत्रिक अधिकार है। आज अदालत का निर्णय उसी सैद्धांतिक और निर्भीक राजनीति को मजबूती देता है, जिसके लिए आम आदमी पार्टी देशभर में पहचानी जाती है।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह फैसला उस सोच की जीत है जिसमें सत्ता नहीं, बल्कि जनता सर्वोपरि होती है। जिस दौर में राजनीति में बदले की भावना और दबाव की राजनीति आम होती जा रही है, ऐसे समय में अदालत का यह निर्णय लोकतंत्र में आम नागरिक के भरोसे को और मजबूत करता है।
यह नैतिक और वैचारिक विजय
आम आदमी पार्टी के लिए यह सिर्फ एक कानूनी राहत नहीं, बल्कि नैतिक और वैचारिक विजय है। पार्टी नेतृत्व ने हमेशा पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को राजनीति का केंद्र बिंदु बनाया है। दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर किए गए कामों के साथ-साथ आज यह फैसला भी उसी ईमानदार राजनीति की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
‘अंततः सत्य की जीत’
यह संदेश न केवल अदालत के फैसले का स्वागत है, बल्कि उस विश्वास की अभिव्यक्ति भी है कि अंततः सत्य की ही जीत होती है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि देश की जनता सच्चाई को समझती है और लोकतंत्र में न्यायपालिका की स्वतंत्रता ही सबसे बड़ी ताकत है।
दिल्ली कोर्ट का यह निर्णय यह भरोसा दिलाता है कि ईमानदार राजनीति को दबाया नहीं जा सकता। यह फैसला अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व और आम आदमी पार्टी की उस राजनीति को और सशक्त करता है, जो डर से नहीं, बल्कि सच और सेवा के रास्ते पर चलती है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 22 January 2026 at 21:51 IST