अपडेटेड 30 January 2026 at 16:55 IST
ए. अरविंदाक्षन और जमुना बीनी को मिला ‘तथागत साहित्य सम्मान’, अशोक वाजपेयी समेत कई विद्वानों ने साझा किए विचार
नई दिल्ली के साहित्य अकादेमी सभागार में 24 जनवरी 2026 को आयोजित गरिमामय समारोह में केरल के वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार ए. अरविंदाक्षन और अरुणांचल प्रदेश की युवा कवयित्री जमुना बीनी को ‘तथागत साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
Tathagata Sahitya Samman: नई दिल्ली के साहित्य अकादेमी सभागार में 24 जनवरी 2026 को आयोजित गरिमामय समारोह में केरल के वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार ए. अरविंदाक्षन और अरुणांचल प्रदेश की युवा कवयित्री जमुना बीनी को ‘तथागत साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाकवि निराला की सरस्वती वंदना पर आधारित कथक प्रस्तुति से हुआ। तथागत ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. एन. पी. सिंह (पूर्व आईएएस) ने ट्रस्ट की परिकल्पना, सामाजिक-शैक्षणिक कार्यों और उत्तर-दक्षिण भारत के बीच भाषा-संस्कृति संवाद के लक्ष्य को रेखांकित किया। यह सम्मान प्रख्यात साहित्यकार रामदरश मिश्र की स्मृति में प्रदान किया गया।
कई विद्वानों ने साझा किए विचार
समारोह में वरिष्ठ साहित्यकारों अनामिका, ओम निश्चल, अशोक वाजपेयी, चंद्रकांता सहित अनेक विद्वानों ने दोनों रचनाकारों के साहित्यिक योगदान पर विचार साझा किए। ए. अरविंदाक्षन की कृति ‘धड़कनों के भीतर जाकर’ और जमुना बीनी के संग्रह ‘जब आदिवासी गाता है’ के माध्यम से भाषाई संवेदनाओं, आदिवासी चेतना और मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति सामने आई। यह आयोजन न केवल हिन्दी साहित्य, बल्कि समूचे भारतीय साहित्य में संवाद, संवेदना और मानवीयता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 30 January 2026 at 16:55 IST