'1 करोड़ का मुआवजा, FIR वापसी और भविष्य में....', CJP की किन मांगों को सरकार ने माना? 3 दौर की वार्ता के बाद छात्रों का आंदोलन खत्म
केंद्र सरकार से तीसरे दौर की वार्ता के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि सरकार से उनकी जो तीन मांगे थी वो मान ली गई है। आईए जानते हैं क्या थी CJP की तीन मांग
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब खत्म हो गया है। सरकार से तीसरे दौर की वार्ता के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। सरकार के साथ हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के नेशनल स्पोक्सपर्सन आशुतोष रांका और पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार उनकी किन-किन मांगों को माना है और उनकी मांग पर सरकार आगे क्या-क्या काम करेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "हमारी पहली मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा था, दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं। यह भी हमारी दूसरी मांग थी। सरकार ने वह मांग भी मान ली है। इसके अलावा, जल्द ही FIR वापस ले ली जाएंगी। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी FIR की कॉपी शेयर करेगी।"
CJP की वो मांग जिस पर सरकार ने भरी हामी
“हमारी पिछली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 FIR दर्ज की गई थीं। हमें वे कॉपी किसी भी हाल में तीन से चार दिनों में मिल जाएंगी। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही FIR वापस ले ली जाएंगी। यह समझते हुए हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट शेयर किया है जो एक लिखित गारंटी है। सरकार ने कहा है कि वह इसे मंगलवार तक हमारे साथ शेयर करेगी। हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन FIR और भविष्य की किसी भी कार्रवाई के बारे में सरकार की गारंटी मिल जाएगी।”
सारे FIR वापस ली जाएंगी-आशुतोष रांका
वहीं, CJP के नेशनल स्पोक्सपर्सन आशुतोष रांका ने कहा, "हमने सरकारी डेलीगेशन के साथ 3 राउंड की बातचीत की। जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट, जो कई दिनों से चल रहा था, उसकी तीन मेन डिमांड थीं: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रोटेस्टर्स और ऑर्गेनाइजर्स के खिलाफ फाइल किए गए सभी लीगल केस, वो FIR वापस ली जाएं और प्रोटेस्टर्स या ऑर्गेनाइजर्स के खिलाफ भविष्य में कोई केस फाइल न किया जाए।
क्या 1 करोड़ रुपये का मुआवजे के तैयार हुई सरकार?
हमारी तीसरी डिमांड थी कि NEET पेपर न होने के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उन्हें 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है। इसका मतलब है कि हमारी पहली डिमांड मान ली गई है। बाकी मांगों पर भी सरकारी ने सहमति जताई है, जिसके बाद हमने तत्काल प्रभाव से आंदोलन खत्म करने का फैसला किया है।"
5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाएगा-जेपी नड्डा
कॉकरोच जनता पार्टी के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "आज हमारी लंबी बातचीत हुई। वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे। इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की: कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए।"
"हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी। दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है। हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 25 July 2026 at 18:10 IST