अपडेटेड 12 February 2026 at 17:14 IST
Blue City: भारत के किस शहर को कहा जाता है 'ब्लू सिटी'? जानिए इसकी वजह
Blue City: क्या आप जानते हैं भारत के किस शहर को ब्लू सिटी कहा जाता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इसकी कहानी क्या है?
Blue City: भारत अपनी विभिन्न संस्कृति, सभ्यता और रंगों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां हर शहर की अपनी एक अलग पहचान और रंगत है। जहां जयपुर को इसकी गुलाबी आभा के लिए 'पिंक सिटी' कहा जाता है, वहीं राजस्थान का ही एक और ऐतिहासिक शहर अपनी नीली चमक के लिए विश्व प्रसिद्ध है। हम बात कर रहे हैं जोधपुर की, जिसे 'ब्लू सिटी' के नाम से जाना जाता है।
जब आप जोधपुर के मेहरानगढ़ किले की ऊंचाई से नीचे शहर की ओर देखते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे धरती पर नीले बादलों का कोई समंदर बिछा हो। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इस शहर को नीला रंग ही क्यों दिया गया? इसके पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और धार्मिक मान्यताओं का एक दिलचस्प मिश्रण है।
जोधपुर को क्यों कहा जाता है नीला शहर?
जोधपुर के घरों के नीले होने के पीछे कई कहानियां प्रचलित है। आपको बता दें, राजस्थान अपनी चिलचिलाती गर्मी के लिए जाना जाता है, जहां गर्मियों में तापमान अक्सर बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक नीला रंग सूर्य की किरणों को रिफ्लेक्ट करने की क्षमता रखता है। घरों की बाहरी दीवारों पर नीला पेंट करने से घर के अंदर का तापमान कम रहता है, जिससे तपती गर्मी में भी राहत मिलती है।
दीमकों और कीड़ों से सुरक्षा के लिए नीला रंग
पुराने समय में यहां के घरों में दीमकों की बड़ी समस्या थी। इस समस्या से निपटने के लिए चूने में कॉपर सल्फेट मिलाया जाने लगा। कॉपर सल्फेट का मिश्रण न केवल दीमकों को भगाता था, बल्कि सूखने के बाद दीवारों को एक खूबसूरत नीला रंग भी देता था।
ये भी पढ़ें - Mahashivratri 2026 Lucky Rashi: 300 साल बाद बनने जा रहा है शुभ संयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत; सौभाग्य का मिलेगा वरदान
भगवान शिव के नीले रंग के संबंध
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नीला रंग का संबंध भगवान शिव से बताया गया है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, जोधपुर के ब्राह्मण समुदाय ने खुद को अन्य वर्गों से अलग दिखाने और शांति के प्रतीक के रूप में अपने घरों को नीले रंग से रंगना शुरू किया था। समय के साथ, यह परंपरा पूरे शहर की पहचान बन गई और अन्य समुदायों ने भी इसे अपना लिया।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 12 February 2026 at 17:14 IST