अपडेटेड 23 March 2025 at 15:10 IST
परिसीमन पर प्रधानमंत्री या गृह मंत्री क्या कहते हैं यह मायने रखता है,अन्नामलाई का दावा नहीं: शिवकुमार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को कहा कि संसदीय परिसीमन से दक्षिणी राज्यों पर कोई असर नहीं पड़ने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई के दावे मायने नहीं रखते बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री क्या कहते हैं।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को कहा कि संसदीय परिसीमन से दक्षिणी राज्यों पर कोई असर नहीं पड़ने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई के दावे मायने नहीं रखते बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री क्या कहते हैं। बेंगलुरु रवाना होने से पहले यहां संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस की कर्नाटक इकाई प्रमुख शिवकुमार ने अन्नामलाई पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह तमिलनाडु के प्रति नहीं बल्कि ‘‘पार्टी के प्रति वफादारी दिखा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां अन्नामलाई महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) और गृह मंत्री (अमित शाह) देश से क्या कह रहे हैं। बेचारे अन्नामलाई को कुछ पता नहीं है।’’ शिवकुमार ने आरोप लगाया, ‘‘ वह सिर्फ अपना काम कर रहे हैं, वह अपनी पार्टी के प्रति अधिक वफादारी दिखाना चाहते हैं... वह अपने राज्य के प्रति वफादारी नहीं दिखा रहे हैं, वह अपनी पार्टी के प्रति वफादारी दिखा रहे हैं।’’ उपमुख्यमंत्री शनिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन द्वारा बुलाई गई ‘निष्पक्ष परिसीमन’ बैठक में भाग लेने के लिए यहां आए थे।स्टालिन का दावा है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों में लोकसभा सीट घट जाएगी। शनिवार को हुई बैठक में परिसीमन पर रोक को 25 साल और बढ़ाने का आग्रह किया गया था। अमित शाह ने पहले कहा था कि आनुपातिक आधार पर किए गए परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अन्नामलाई भी यही बात कहते रहे हैं और शनिवार को भी उन्होंने यही बात दोहराई थी।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 23 March 2025 at 15:10 IST