बंग या बंगाल पर BJP प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने लगाया विराम, कहा- अब बंगाल का नाम 'पश्चिम बंग' होगा, सरकार जल्द लाएगी बिल
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने संकेत दिया है कि राज्य का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाया जाएगा, जिससे नाम से जुड़े अन्य भ्रम समाप्त हो जाएंगे।
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में नाम बदलने को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट तौर से संकेत दिए हैं कि राज्य का नाम औपचारिक रूप से बदलकर पश्चिम बंग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए जल्द ही विधानसभा के आगामी सत्र में एक विधेयक पेश किया जाएगा। इसके बाद लंबे समय से चले आ रहे विभिन्न वैकल्पिक नामों के भ्रम पर विराम लग जाएगा।
'पश्चिम बंग' नाम के पीछे का ऐतिहासिक तर्क
समिक भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य का नाम इसके इतिहास से गहराई से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य का आधिकारिक नाम 'पश्चिम बंग' रखा जाएगा।'पश्चिम बांग्ला', 'बांग्ला' या 'बंगला' जैसे अलग-अलग नामों से अब राहत मिलेगी।पहले ही सत्र में इसके लिए विधायी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ताकि राज्य को एक स्थाई पहचान मिल सके।
पीएम मोदी के 25 वर्षों के प्रशासनिक सफर की सराहना
नाम बदलने के मुद्दे के अलावा, भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन-संबोधन की सराहना की। सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर देश के सभी प्रशासनिक जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने इस संबोधन को सुना। पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद और ऋषि अरबिंदो के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने दोहराया कि उनका जीवन पूरी तरह राष्ट्र सेवा को समर्पित है।भट्टाचार्य के अनुसार, यह दूरदर्शी भाषण देश के युवाओं और आम जनता को प्रेरित करने वाला है।
भट्टाचार्य ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि विपक्ष के पास इस समय कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कोई बच्चे नहीं हैं जो किसी से डरें, लेकिन विपक्ष केवल गैर-मुद्दों को तूल देने की कोशिश कर रहा है। आज की युवा पीढ़ी समझती है कि प्रधानमंत्री मोदी उनकी आकांक्षाओं से जुड़े हैं और देश में विकास की गति स्थिर रहने वाली है।
असम के मदरसा बोर्ड फैसले का समर्थन
असम सरकार द्वारा मदरसा शिक्षा बोर्ड का स्कूल सेवा आयोग में विलय करने के निर्णय को सही ठहराते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को भी गणित, विज्ञान और आधुनिक विषयों की पढ़ाई का पूरा अवसर मिलना चाहिए ताकि वे देश की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 7 October 2026 at 16:03 IST