Weather: दिल्ली दरिया, पंजाब समंदर, बारिश से पहाड़ों में भी हाहाकार; जानें यूपी-बिहार से लेकर देश भर के मौसम का हाल
पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश और बाढ़ से हाल बेहाल है। दिल्ली, पंजाब से लेकर पूरा उत्तर भारत इस समय कुदरत के कहर को झेल रहा है। इस बीच मौसम विभाग चेतावनी परेशानी बढ़ाने वाली है।
राजधानी दिल्ली से लेकर देश भर के कई हिस्सों में इन दिनों बारिश आफत बनकर बरस रही है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक 'जलप्रलय' से त्राहिमाम है। पूरा उत्तर भारत इस समय कुदरत के कहर को झेल रहा है। भारी बारिश और बाढ़ से हालत गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश और यमुना के जलस्तर में वृद्धि से दिल्ली दरिया बन गई है। पंजाब में भी बाढ़ से हाहाकर मचा हुआ है तो पहाड़ों में भी हाल बेहाल हैं। जानतें है देश भर के मौसम का मिजाज
पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बाढ़ की मार साफ दिख रही है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है। शहर में बाढ़ का पानी कई रिहायशी इलाके तक पहुंच गया है। यमुना का पानी अब पॉश इलाकों से लेकर सरकारी कार्यलयों तक पहुंचने लगा है।कश्मीरी गेट ISBT से लेकर ITO रोड तक सड़के तालाब बन चुकी है।
दिल्ली का सिविल लाइंस बाढ़ के पानी में डूबा
यमुना के जलस्तर में भारी वृद्धि से दिल्ली के निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। यमुना का पानी दिल्ली सचिवालय तक पहुंच चुका है। यमुना बाजार से लेकर सिविल लाइंस तक कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सिविल लाइंस क्षेत्र में मोनेस्ट्री मार्केट बाढ़ के पानी में डूब चुका है। श्री स्वामीनारायण मंदिर भी जलमग्न हो गया। बता दें कि सिविल लाइंस में ही मुख्यमंत्री आवास भी स्थित है।
मौसम विभाग ने चेतावनी ने बढ़ाई परेशानी
हथिनीकुंड बराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस बीच मौसम विभाग ने आज, 5 सितंबर को बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। जिसने दिल्लीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना है। सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या भी देखने को मिल रही है।
पंजाब में बाढ़ से हाहाकार
इधर पूरा पंजाब बाढ़ की चपेट में आ गया है। सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से फाजिल्का के आस-पास के गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। NDRF और पंजाब सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के तीनों बांधों का जलस्तर खतरे के निशान के पास या उससे ऊपर पहुंच चुका है। अब तक कुदरत के कहर में 30 से अधिक लोगों को जान चली गई है। पंजाब में बाढ़ आपदा पर मंथन के लिए CM मान ने आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट मीटिंग बुलाई है।
यूपी-बिहार में मौसम का मिजाज
वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला-बदला से है। यूपी के ज्यादातर हिस्सों में आज बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन गाजियाबाद, नोएडा और बागपत जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी है। वहीं, बिहार के उत्तरी जिलों जैसे सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और सुपौल में मध्यम से भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश, भूस्खलन से तबाही
पहाडों में कुदरत जमकर कहर बरपा रही है। जम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलने से भारी तबाही मची है। अलग-अलग घटनाओं में सैंकड़ों लोगों की जान चली गई है। कश्मीर घाटी में झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़गाम के जूनीपोरा में तटबंध टूट गया, जिससे आसपास की बस्तियों में पानी घुस गया। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
पहाडों में कुदरत का कहर
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को मौसम सामान्य रहने की संभावना है। IMD के तरफ से कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है। तापमान में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद है। दूसरी ओर, उत्तराखंड के नैनीताल और बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। लोगों से अपील की है कि बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर पहाड़ी इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 5 September 2025 at 09:55 IST