पश्चिम बंगाल में गो रक्षा को लेकर विश्व हिंदू परिषद सख्त, आलोक कुमार ने गौसेवा संघ के पदाधिकारियों संग की बैठक
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार को दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी गौसेवा संघ की पश्चिम बंगाल इकाई के पदाधिकारियों से मुलाकात की।
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विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार को दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी गौसेवा संघ (RGVGS) की पश्चिम बंगाल इकाई के पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक के बाद सवाल उठने लगा है कि पश्चिम बंगाल में गो-रक्षा और गौसेवा के क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद आगे क्या कदम उठाने जा रही है।
बैठक के दौरान आलोक कुमार और RGVGS के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल में गो-रक्षा और गौसेवा से जुड़े प्रयासों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इस अवसर पर आलोक कुमार ने संगठन के पदाधिकारियों को ‘गौमाता स्मारक’ भेंट कर सम्मानित भी किया। यह स्मृति-चिह्न गो-रक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और सेवा भावना के सम्मान के रूप में प्रदान किया गया।
सम्मानित होने वालों में RGVGS के राष्ट्रीय महासचिव बाबन घोष और संगठन के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इकबाल त्यागी शामिल थे। इनके अलावा पश्चिम बंगाल के राज्य पर्यवेक्षक बिक्रम घोष और दक्षिण 24 परगना के जिला अध्यक्ष प्रोसेनजीत डे भी बैठक में उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में उत्तर 24 परगना के जिला अध्यक्ष स्वामी ईश्वरानंद प्रभु जी महाराज तथा उत्तर 24 परगना के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रिजवान अंसारी भी शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचा था।
विश्व हिंदू परिषद ने किया सम्मानित
इस मुलाकात को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि देश के प्रमुख हिंदू संगठनों में शामिल विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने कार्यालय में पश्चिम बंगाल के एक गो-रक्षा संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और व्यक्तिगत रूप से उन्हें सम्मानित किया। इस पहल को बंगाल में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के प्रति VHP के सम्मान और स्थानीय संगठनों के साथ सहयोग बढ़ाने की संभावित दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू RGVGS के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से जुड़े नेताओं, इकबाल त्यागी और रिजवान अंसारी, को दिया गया सम्मान भी रहा। VHP प्रमुख द्वारा इन पदाधिकारियों को सम्मानित किए जाने से यह संकेत मिलता है कि गो-रक्षा और गौसेवा के प्रयासों में विभिन्न समुदायों की भागीदारी और सहयोग को भी महत्व दिया जा सकता है।
हालांकि, दोनों संगठनों की ओर से अभी तक किसी औपचारिक कार्यक्रम या विस्तृत कार्ययोजना की घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद, मिलकर काम करने पर बनी सहमति से भविष्य में कई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। इनमें विभिन्न जिलों में संयुक्त गौसेवा कार्यक्रम आयोजित करना, गौशालाओं को सहयोग देना और गो-रक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाना शामिल हो सकता है। दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में RGVGS के पदाधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए इन क्षेत्रों में संगठनात्मक सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि विश्व हिंदू परिषद और RGVGS इस सहमति को किस तरह के कार्यक्रमों में बदलेंगे। आने वाले समय में दोनों संगठनों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों से यह पता चल सकेगा कि पश्चिम बंगाल में गो-रक्षा और गौसेवा के प्रयासों को मजबूत करने के लिए उनकी रणनीति क्या होगी।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 31 October 2026 at 14:54 IST