Zubeen Garg: पति को आखिरी बार दुलार, बंदूक की सलामी... पंचतत्व में विलीन हुए जुबीन गर्ग, फूट-फूटकर रोईं पत्नी गरिमा
जुबिन गर्ग का शव अंतिम संस्कार के लिए जैसे ही चिता पर रखा गया पत्नी गरिमा बेसूध होकर रोने लगी। इस दौरान उन्होंने अपने पति को आखिरी बार दुलार किया।
मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग पंचतत्व में विलीन हो गए। मंगलवार, 23 सितंबर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ कमरकुची स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई गणमान्य लोग जुबीन अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस दौरान उनकी पत्नी गरिमा का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी जुबीन को आखिर बार देख अपने आंसू रोक नहीं पा रही थी और फफक-फफक कर रो पड़ी।
कमरकुची स्थित श्मशान घाट पर पर अपने चहेते सिंगर की अंतिम विदाई देने हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। । गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में दूसरे पोस्टमार्टम के बाद सुबह गायक का पार्थिव शरीर को श्मशान घाट लाया गया। जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा मंगलवार को गुवाहाटी के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शुरू हुई थी। सिंगर की आखिरी झलक पाने के लिए सड़कों पर भी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
फूट-फूटकर रोई जुबीन की पत्नी
जुबीन के अंतिम संस्कार के समय उनकी पत्नी गरिमा भावुक होकर रो पड़ीं। जुबिन गर्ग का शव अंतिम संस्कार के लिए चिता पर रखा गया। उनकी पत्नी पास खड़ी रोती-बिलखती रहीं। इस दौरान उन्होंने अपने पति को आखिरी बार दुलार किया। सिंगर की बहन और परिवार के अन्य सदस्य उन्हें संभालते नजर आए।
जुबीन गर्ग को गन सैल्यूट
अंतिम संस्कार के दौरान जुबीन गर्ग को गन सैल्यूट दिया गया।। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दी और पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाया। सीएम हिमंता बिस्वा भी आखिरी समय तक परिवार के साथ मौजूद रहे। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर उनके लोकप्रिय गाने बजते रहे। जिसे सुन वहां मौजूद हर शख्स फूट-फूटकर रोता नजर आया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
पूरे राजकीय सम्मान के साथ, दिवंगत गायक का अंतिम सस्कार हुआ। बता दें कि 19 सितंबर को सिंगर जुबीन गर्ग का सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते समय निधन हो गया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक नाव से कूदने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद उन्हें समुद्र से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। असम सरकार ने जुबीन गर्ग के निधन के मद्देनजर तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की।
पूरे असम में शोक की लहर
जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक रहे। जुबिन गर्ग के अचानक और असामयिक निधन से पूरा असम मानो थम सा गया था, लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि उनके फेवरेट सिंगर अब इस दुनिया में नहीं है। जुबीन के लिए दीवानगी कैसी थी,वो आज अंतिम विदाई देने के लिए जुटी प्रशंसकों की भीड़ ने बता दी।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 23 September 2025 at 13:28 IST