देवबंद क्यों जा रहे अफगानिस्तान के तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी? खुफिया विभाग हुआ चौकस

अफगानिस्तान के तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की देवबंद यात्रा न केवल अफगान छात्रों से जुड़ी है, बल्कि यह भारत-तालिबान संबंधों में एक नई शुरुआत का संकेत भी है।

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देवबंद क्यों जा रहे अफगानिस्तान के तालिबानी विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी? | Image: ANI

Amir Khan Muttaqi to Visit Deoband : भारत और अफगानिस्तान के रिश्तों को और मजबूत करने के लिए तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी (Amir Khan Muttaqi) नई दिल्ली पहुंच गए हैं। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री 16 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे। इस बीच खबर है कि वो 11 अक्तूबर, 2025 को उत्तर प्रदेश के देवबंद में इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम पहुंचेंगे। इससे पहले स्थानीय प्रशासन और खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है।

11 अक्टूबर को तालिबान सरकार के विदेश मंत्री के देवबंद जाने की योजना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। यह यात्रा मुत्ताकी की भारत दौरे का हिस्सा है, जो 9 से 16 अक्टूबर तक चलेगी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तालिबान प्रतिबंध समिति ने मुत्ताकी पर लगे यात्रा प्रतिबंध को अस्थायी रूप से हटाया है, जिससे यह दौरा संभव हो सका। यह 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद किसी वरिष्ठ तालिबान नेता की भारत में पहली आधिकारिक यात्रा है, लेकिन सवाल यह है कि मुत्ताकी देवबंद क्यों जा रहे हैं?

देवबंद क्यों जा रहे मुत्ताकी?

आमिर खान मुत्ताकी की देवबंद यात्रा का मुख्य फोकस दारुल उलूम देवबंद पर है, जो दुनिया के प्रमुख इस्लामी शिक्षा केंद्रों में से एक है। यहां रहकर अफगान छात्र भी इस्लाम की पढ़ाई कर रहे हैं। देवबंदी विचारधारा तालिबान की धार्मिक नीतियों से जुड़ी हुई है, क्योंकि तालिबान के कई नेता देवबंदी मदरसों से प्रभावित रहे हैं। विदेश मंत्री की यह यात्रा शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत कर सकती है।

कई तालिबान नेता दारुल उलूम देवबंद का बहुत सम्मान करते हैं। उनकी यात्रा में देवबंद का चयन इसलिए भी खास है क्योंकि यह तालिबान के लिए धार्मिक वैधता का प्रतीक है। तालिबान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है, और देवबंद जैसी जगह पर जाना उनके लिए सॉफ्ट पावर का उपयोग करने का तरीका हो सकता है। हालांकि, देवबंद SDM के पास अभी तक इस दौरे की कोई आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची है।

भारत-तालिबान संबंधों की नई शुरुआत

आमिर खान मुत्ताकी यह दौरा दक्षिण एशिया की बदलती भू-राजनीति को दर्शाता है। जहां पाकिस्तान का प्रभाव कम हो रहा है, वहीं भारत तालिबान के साथ व्यावहारिक संबंध बना रहा है। यह यात्रा क्षेत्रीय शांति और आर्थिक सहयोग के लिए एक कदम आगे है। मुत्ताकी की देवबंद यात्रा न केवल अफगान छात्रों से जुड़ी है, बल्कि यह भारत-तालिबान संबंधों में एक नई शुरुआत का संकेत है।

भारत, तालिबान से आश्वासन चाहता है कि अफगान की जमीन का उपयोग भारत-विरोधी आतंकवादी समूहों के लिए नहीं किया जाएगा। अफगानिस्तान के खनिज संसाधनों जैसे लिथियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर चर्चा, साथ ही मानवीय सहायता और छात्र वीजा जैसे मुद्दे इस यात्रा के अहम मुद्दे हैं। पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) के खिलाफ सहयोग पर भी चर्चा हो सकती है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 9 October 2025 at 16:16 IST