अपडेटेड 21 January 2026 at 12:24 IST

Sambhal Voilence: विदेश में बैठ अपनी बर्बादी देखेगा संभल हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा; करोड़ों की प्रॉपर्टी कुर्क; जानिए क्राइम कुंडली

संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की संपत्ति बुधवार को BNS की धारा 85 के तहत कुर्क की गई। पुलिस नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया में यह कार्रवाई कर रही है।

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Sambhal Voilence: विदेश में बैठकर अपनी बर्बादी देखेगा संभल हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साठा; करोड़ों की प्रॉपर्टी कुर्क; जानिए क्राइम कुंडली | Image: X

Sambhal Voilence: संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की संपत्ति बुधवार को BNS की धारा 85 के तहत कुर्क की गई। पुलिस नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया में यह कार्रवाई कर रही है। शारिक भारत का सबसे बड़ा ऑटो लिफ्टर और फरार गैंगस्टर है, जिस पर 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, शारिक एक साल में 300 से अधिक लग्जरी गाड़ियां चोरी करता है। उसने दुबई में छिपकर संभल हिंसा की साजिश रची थी और वहीं से अपने गुर्गों को निर्देश दिए थे।

न्यायालय ने 13 जनवरी को शारिक साठा की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद पुलिस ने साठा की संपत्तियों का विस्तृत डेटा तैयार किया और अब बुधवार को इस कुर्की की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। दीपा सराय स्थित उसके घर पर कुर्की का स्थाई वारंट और उद्घोषणा नोटिस पहले ही चस्पा किए जा चुके हैं, जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है।

शारिक साठा की क्राइम कुंडली

शारिक साठा के खिलाफ जालसाजी, चोरी, गैंगस्टर एक्ट समेत 69 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिनमें हत्या, आर्म्स एक्ट और संभल हिंसा से जुड़े मामले शामिल हैं। शारिक साठा विदेश में बैठा है। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि उसने हिंसा में हथियारों को बड़ी मात्रा में उपलब्ध कराया था और भीड़ को भड़काने में भी अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही अपने स्थानीय सहयोगियों के माध्यम से घटनाओं को निर्देशित किया था।

शुरुआत में शारिक साठा ट्रक और बसों पर हेल्पर का काम करता था। 1991 में गुजरात से आ रहे चीनी भरे ट्रक को गायब करने में पहली FIR दर्ज हुई। फिर लूट–चोरी के अलावा वाहन कटवाने शुरू कर दिए।

24 नवंबर 2024 को संभल में भड़की थी हिंसा

संभल कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था, तभी हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और गोलीबारी की, जिसमें आधिकारिक तौर पर चार मुस्लिम युवक मारे गए। घटनास्थल से पाकिस्तान में बने कारतूस भी मिले थे। इस मामले में शारिक साठा के गुर्गे गुलाम, वारिस और मुल्ला अफरोज को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में तीनों ने बताया कि शारिक साठा के कहने पर उन्होंने दंगाइयों को हथियार सप्लाई किए थे। पुलिस तीनों को जेल भेजकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 21 January 2026 at 12:24 IST