Sambhal News: संभल की शाही मस्जिद के करीब जमीन में दफन मिला मृत्यु कूप, अब खुदाई चालू... खुशी मना रहे लोग
Sambhal News: संभल की शाही जामा मस्जिद से महज 200 मीटर की दूरी पर प्रशासन को एक प्राचीन कुआं की जानकारी हासिल हुई। इस कुएं का नाम मृत्यु कूप भी बताया जा रहा है।
Sambhal News: उत्तर प्रदेश का संभल लगातार चर्चा में हैं। यहां की जमीन शहर की प्राचीनता उगल रही है। कई मंदिर और हालिया दिनों में एक पुरानी बावड़ी मिलने के बाद संभल में अब एक प्राचीन कुआं मिला है। बताया जा रहा है कि संभल की शाही जामा मस्जिद से महज 200 मीटर की दूरी पर प्रशासन को एक प्राचीन कुआं की जानकारी हासिल हुई। इस कुएं का नाम मृत्यु कूप भी बताया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन ने इस कुएं की खुदाई और साफ सफाई का काम शुरू कर दिया है।
संभल जिला प्रशासन शहर में कुओं का जीर्णोद्धार करने की प्रक्रिया में है। अब तक कई कुएं प्रशासन खुदाई करके ढूंढ चुका है। फिलहाल शाही जामा मस्जिद, जिसे हिंदू पक्ष के लोग हरिहर मंदिर बोलते हैं। उसी से कुछ दूरी पर प्राचीन कूप की खुदाई चल रही है। प्रशासन की मौजूदगी में कुछ लोग कुएं की खुदाई कर रहे हैं। संभल नगर निगम के वार्ड मेंबर के मुताबिक, ये कूप संभल के 19 कूपों में से एक है। ये कूप पिछले कई सालों से बंद हो गया। आसपास के जो घर बने हैं, उसका मालवा यहां डाल दिया गया था। अब नगर निगम इस कूप की खुदाई करवा रहा है, ताकि इस प्राचीन कप को एक बार फिर से पुनर्जीवन किया जाए।
संभल में मृत्यु कूप मिलने से खुश हैं लोग
स्थानीय लोगों ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए बताया कि मृत्यु कूप के बगल में प्राचीन मृत्युंजय महादेव मंदिर भी हुआ करता था। स्थानीय लोगों का दावा है कि बड़े बुजुर्ग ऐसा बताते थे कि ये प्राचीन मृत्युंजय महादेव मंदिर संभल के तीर्थ में से एक था, लेकिन आज सिर्फ उसकी कुछ दीवारें ही नजर आ रहे हैं। फिलहाल लोगों में प्राचीन कूप की खुदाई को लेकर खुशी है।
यही नहीं, मृत्यु कूप की खुदाई शुरू हुई तो हिंदू परिवार अब यहां पूजा करने के लिए पहुंचने लगे हैं। लोगों ने बताया कि वो अपने बचपन में यही पूजा करते थे, लेकिन फिर कूप बंद हो गया। अब कूप फिर खुल रहा है इसलिए यहां पूजा करने आए हैं। लोगों का कहना है कि उनके तीर्थ और संभल के इतिहास को दबाने की इससे पहले की सरकारों ने कोशिश की थी। आज संभल और उसके तीर्थ पूरे देश के सामने आ रहे हैं। जो गर्व की बात हैं।
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 26 December 2024 at 10:44 IST