राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बीच अखिलेश की चौंकाने वाली प्रतिक्रिया, कहा- मुझे कोई शिकायत नहीं, चढ़ावा चोरी के छोटे कर्मचारियों को भी छोड़ दीजिए
अयोध्या पर देश भर के श्रद्धालुओं की नजर टीकी है। श्रद्धालु जानना चाहते हैं कि कौन होगा राम मंदिर ट्र्स्ट का नया सीईओ। लेकिन इससे पहले अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और बीजेपी पर हमला बोला है।
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धर्म नगरी अयोध्या में श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक चल रही है। जिसमें राम मंदिर के नव नियुक्त CEO के नाम का ऐलान होगा। इस बैठक में ट्रस्ट के अंतरिम सचिव कृष्ण मोहन भी मौजूद हैं। CEO के नाम के ऐलान से पहले उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। अखिलेश यादव ने नाम के ऐलान से पहले चढ़ावा चोरी को लेकर एक बार फिर हमला बोला है।
चंदा चोरी पर जमकर हुआ था बवाल
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा होने के बाद देश भर में इसे लेकर बवाल हुआ था। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सबसे पहले चंदा चोरी का मुद्दा उठाया था। फिर ये सियासी मुद्दा बना था और विपक्षी पार्टियों ने भारतीय जनता पार्टी और यूपी सरकार पर जमकर हमला बोला था। राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। फिर सरकार ने चंदा में पारदर्शिता बरतने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट का एक नया CEO चुनने का फैसला लिया। अब आज बुधवार 2 अगस्त को अयोध्या में श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है।
अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक में क्या होगा?
अयोध्या पर देश भर के श्रद्धालुओं की नजर टीकी है। श्रद्धालु जानना चाहते हैं कि कौन होगा राम मंदिर ट्र्स्ट का नया सीईओ। लेकिन इससे पहले अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और बीजेपी पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि नई चीज होने से क्या हम पुरानी चीज भुल जाएंगे। हमें शिकायत किसी ने नहीं है लेकिन जो राम धन के साथ हुआ, जो चढ़ावा चोरी हुई तो आपने सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया। अगर बड़े अधिकारियों को छोड़ दिया तो छोटे को क्यों जेल भेजा, उन्हें भी छोड़ दीजिए। हमें उम्मीद है कि भविष्य में प्रभु श्रीराम धन या चढ़ावा में डकैती नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि जितना पैसा अयोध्या पर खर्च हुआ, ऐसे में इस शहर को वर्ल्ड क्लास सिटी बनना चाहिए था। दुनिया देखती कि हां एक शहर बसा है लेकिन बीजेपी के मन में इतना लालाच था कि जमीन घोटाला हुआ, लोगों को जमीन का सही मुआवजा नहीं मिला। इसलिए ये अयोध्या से भी चुनाव हार गए।
बैठक में शामिल होने के लिए महंत दिनेंद्र दास महराज, महंत कमल नयन दास और काषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी महाराज सहित ट्रस्ट के सदस्य भी पहुंचे हैं। इससे पहले राम जन्मभूमि मंदिर के पहले सीईओ के चुनाव के लिए गठित चयन समिति ने एक दिन पहले मंगलवार को अंतरिम रिपोर्ट पेश की। जिसमें 5000 आवेदनों में से 3 को शॉर्ट लिस्ट किया गया है।
राम मंदर CEO के चुनाव की जरूरत क्यों पड़ी?
बता दें कि राम मंदिर के दानपात्रों से चोरी का खुलासा हुआ। आरोप लगे कि दानपात्रों से सोना-चांदी आदि कीमती चीजों की चोरी हुई। इसके बाद FIR दर्ज की गई। पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन हुआ। बाद में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई। तब सरकार ने फैसला किया कि राम मंदिर चंदा और चढ़ावा की रेखरेख पारदर्शी तरीके से किया जाए। इसके लिए ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त करने का फैसला लिया गया। फिर आवेदन मंगाए गए। कुल 5000 आवेदनों में से 3 को शॉर्ट लिस्ट किया गया।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 2 September 2026 at 16:00 IST