सबको राम-राम, आज हमारे राम आ गए... रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राममय हुए PM Modi

Ram Mandir Pran Pratishtha : PM Modi ने अयोध्या में राम-राम के साथ अपना संबोधन शुरू किया। पीएम ने कहा कि आज हमारे राम आ गए।

 
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अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा | Image: Video Grab

Ram Mandir Pran Pratishtha : राम नगरी अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। इस पल का देश और दुनिया के करोड़ों भक्तों को बेसब्री से इंतजार था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पीएम मोदी ने राम मंदिर में आए मेहमानों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपनी बात राम-राम के साथ शुरू की। पीएम ने कहा सियावर रामचंद्र की जय... सियावर रामचंद्र की जय। सभी रामभक्तों को प्रणाम, राम-राम.... आज हमारे राम आ गए हैं।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने पर पीएम मोदी ने कहा- इस शुभ घड़ी की आप सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। गर्भगृह में ईश्वरीय चेतना का साक्षी बनाकर आपके सामने उपस्थित हूं। मेरा शरीर अभी भी स्पंदित है, चित अभी भी उस पल में लीन है।

टेंट में नहीं, दिव्य मंदिर में रहेंगे रामलला

पीएम मोदी ने कहा कि अब हमारे रामलला टेंट में नहीं रहेंगे, हमारे रामलला दिव्य मंदिर में रहेंगे। मेरा पक्का विश्वास है जो घटित हुआ है, उसकी अनुभूति रामभक्तों को हो रही होगी। आज का ये पल पवित्रतम है। ये माहौल, वातावरण, ऊर्जा, ये घड़ी, प्रभु श्रीराम का हम पर आशीर्वाद है। 22 जनवरी का सूरज अद्भुत आभा लेकर आया है। ये कैलेंडर पर लिखी तारीख नहीं, ये नए कालचक्र का उद्गम है।

सदियों के धैर्य की धरोहर, श्रीराम का मंदिर- पीएम मोदी

पूरे देश में उमंग और उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। निर्माण कार्य देख, देशवासियों में हर दिन नया विश्वास पैदा हो रहा है। पीएम मोदी ने राम मंदिर के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आज हमें सदियों के उस धैर्य की धरोहर मिली है, आज हमें श्रीराम का मंदिर मिला है। गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हो राष्ट्र, अतीत के हर दंश से हौसला लेते राष्ट्र, ऐसे ही नव इतिहास का सृजन करता है। आज से हजार साल बाद भी आज की तारीख की और आज के पल की चर्चा होगी।

दैवीय अनुभव कर रहा हूं- पीएम मोदी

अयोध्या से पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जहां राम का नाम होता है, वहां पवन पुत्र हनुमान जरूर विराजमान होते हैं। मैं हनुमान जी को भी नमन करता हूं। पवित्र सरयू के जल को भी प्रणाम करता हूं। मां जानकी, लक्ष्मण, भरत-शत्रुघ्न सभी को नमन करता हूं। मैं इस समय दैवीय अनुभव कर रहा हूं। वो दिव्य अनुभूतियां इस समय हमारे आसपास उपस्थित हैं। 

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 22 January 2024 at 14:26 IST