Noida Protest: क्या हैं वो मांगें? जिनको लेकर नोएडा में कर्मचारियों ने दिनभर काटा बवाल और की आगजनी, 60 गिरफ्तार; बनी हाईलेवल कमेटी
Noida Protest: नोएडा में सैलरी बढ़ाने समेत कई अन्य मांगों को लेकर चल रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया। साथ ही तोड़फोड़ भी की गई। उन्होंने कई गाड़ियों को आग के हवाले भी कर दिया।
Noida Protest news: नोएडा में सोमवार (13 अप्रैल) के कर्मचारियों को लेकर अब योगी सरकार एक्शन मोड़ में आ गई है। पुलिस ने हिंसा के मामले में FIR दर्ज कर ली है। साथ ही 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया। इसके अलावा 200 से ज्यादा लोगों को डिटेन किया जा चुका है। इस बीच, सीएम योगी के निर्देश के बाद श्रम विभाग ने हाई लेवल कमेटी का गठन भी किया है।
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर नोएडा में करीब एक हफ्ते पहले से कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। आज (13 अप्रैल) इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। कई जगहों से आगजनी, पत्थरबाजी और बवाल की खबरें सामने आई। प्रदर्शन की शुरुआत नोएडा फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में हुई थी, जो देखते ही देखते पूरे नोएडा में फैलने लगा। इसके बाद नोएडा के अलावा गाजियाबाद से भी प्रदर्शन की खबरें आई।
ये हैं मजदूरों की मांगें?
नोएडा में मजदूर कई मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। इन विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह वेतन में भारी असमानता है।
- नोएडा में प्रदर्शनकारी श्रमिकों की मांग है कि उनका न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाए, जो अभी करीब 13-14 हजार रुपये है। वे हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। हरियाणा की सरकार ने न्यूनतम वेतन में 35% इजाफा किया है।
- कर्मचारियों ने कंपनी से बोनस दिलाए जाने की भी मांग की है।
- कर्मचारियों ने सभी श्रमिकों को साप्ताहिक छुट्टी देने की मांग की।
- इसके अलावा कर्मचारियों की मांग है कि जिन कारखाने में ओवरटाइम कराने का भुगतान नहीं किया जा रहे हैं, वहां डबल भुगतान कराया जाए।
- कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ कारखानों में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। उनकी मांग है कि महिला कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद हो और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
- कर्मचारियों के आरोप है कि आठ घंटे काम करने पर भी अच्छा खाना नहीं दिया जाता है।
जानकारी के अनुसार, इसको लेकर 10 अप्रैल को एक मीटिंग भी हुई थी, जिसमें कर्मचारियों की कई मांगे मान ली गई। बताया जा रहा है कि हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन बढ़ाने की मांग शामिल नहीं थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह से मजदूर असंतुष्ट थे और आज नोएडा में जमकर बवाल हुआ।
CM योगी के निर्देश के बाद बनी कमेटी
योगी सरकार ने कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद उठाया गया है। इसका उद्देश्य सभी संबंधित पक्षों को बातचीत के लिए एक मंच पर लाना और संवाद के माध्यम से औद्योगिक सौहार्द सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि समिति को श्रमिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करने का कार्य सौंपा गया है, जिससे चल रहे विवाद का कोई समाधान निकाला जा सके। समिति पहले ही गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले प्राथमिकता के आधार पर स्थिति का जायजा लेगी।
इस समिति की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (MSME) और प्रमुख सचिव (श्रम एवं रोजगार) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कानपुर से नामित एक अधिकारी सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेगा। समिति में दोनों पक्षों की आवाजों को शामिल किया गया है, जिसमें श्रमिक संघों के पांच प्रतिनिधि और औद्योगिक संघों के तीन सदस्य शामिल हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 13 April 2026 at 22:43 IST