Noida Protest: जिस X अकाउंट से फैलाई गई हिंसा की चिंगारी, उसे चला रहे थे PAK हैंडलर्स ... नोएडा हिंसा मामले में पाक कनेक्शन पर आया नया अपडेट
Noida Protest: नोएडा में हुए श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन का पाकिस्तान से कनेक्शन सामने आया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि ये हिंसा सुनियोजित थी।
Noida Protest: नोएडा में हुए श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन का पाकिस्तान से कनेक्शन सामने आया है। नोएडा पुलिस इस हिंसा को मेलाफाइड इंटरनेशनल ऑर्गेनाइज एक्टिविटी बता रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया है कि ये हिंसा सुनियोजित थी और दुर्भावनापूर्ण इरादों से प्रेरित एक संगठित साजिश का हिस्सा थी।
लक्ष्मी सिंह ने पीसी में बताया कि मनीषा चौहान, रूपेश राय और आदित्य आनंद का नाम उन लोगों में शामिल है जिनपर मजदूरों को भड़काने का आरोप लगा है।
मजदूरों को भड़काने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल
उन्होंने कहा, “रूपेश 2018 से तो आदित्य 2020 से लगातार देशभर में घूम रहा है। दोनों अक्सर अशांति वाल जगहों पर दिखाई देते हैं। रूपेश खुद को ऑटो-रिक्शा चालक बताता है, जबकि आदित्य खुद को बेरोजगार बताता है।” जांच में दो एक्स हैंडल का पता चला है कि जो पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे। साथ ही, मजदूरों को जुटाने और भड़काने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल भी किया गया था।
नोएडा पुलिस कमिश्नर ने आगे घटनाओं की टाइमलाइन देते हुए कहा- “31 मार्च और 1 अप्रैल को रूपेश और आदित्य को नोएडा में एक साथ घूमते हुए देखा गया। 9 और 10 अप्रैल को QR कोड फैलाकर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। 10 अप्रैल को मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया और 11 अप्रैल को उन्हें सड़कें जाम करने के लिए उकसाया गया। जब 11 अप्रैल को शांतिपूर्ण समझौता हो गया, तो इन लोगों ने मजदूरों को उकसाने के लिए भड़काऊ भाषण दिए”।
उन्होंने आगे बताया कि आरोपियों ने ही कथित तौर पर 13 अप्रैल को नोएडा स्थित मदरसन फैसिलिटी के बाहर श्रमिकों को इकट्ठा होने के लिए उकसाया था। रूपेश और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आदित्य आनंद अभी भी फरार है।
नोएडा प्रोटेस्ट का पाकिस्तान से कनेक्शन
लक्ष्मी सिंह ने आगे जानकारी दी कि जब 13 अप्रैल को प्रदर्शन शांत करवाया गया तो दो एक्स हैंडल द्वारा गलत तथ्यों को ट्वीट किया गया। फिर इन ट्वीट को वायरल किया गया जिसने वापस लौट रहे श्रमिकों को फिर से उकसाया। इन पोस्ट में गलत तथ्य लिखा था कि पुलिस की फायरिंग में कुछ लोगों की मौत हो गई, ऐसा मजदूरों को उकसाने के लिए लिखा गया था।
उन्होंने कहा कि ‘इन दो एक्स हैंडल के खिलाफ 13 अप्रैल को ही सेक्टर 20 में दो मुकदमे दर्ज कर लिए गए थे। ट्विटर से मिले डाटा के अनुसार, ऐसा पता चला है कि ये दोनों हैंडल पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे, इनके द्वारा समय-समय पर पिछले तीन महीनों से VPN का दुरुपयोग किया जाना पाया गया है। कोई तत्व है जो औद्योगिक क्षेत्रों को डिस्टर्ब करना चाहते है’।
अबतक 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 62 गिरफ्तारी हुई है। पुलिस पर हमला करने वाली भीड़ के अधिकांश लोग स्थानीय मजदूर नहीं, बल्कि बाहरी तत्व हैं। NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 16 April 2026 at 21:18 IST