अपडेटेड 24 January 2026 at 13:12 IST
अमीर हिंदू लड़कियां, यौन शोषण, फिर बुर्का और निकाह का खेल...मिर्जापुर धर्मांतरण केस में मोबाइल से निकला इमरान-अशफाक के 'डर्टी गेम' का सबूत
पहले छांगुर गैंग, उसके बाद आगरा, फिर लखनऊ के केजीएमयू और अब मिर्जापुर में लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले ने सनसनी मचा दी है।
Mirzapur Conversion Racket: पहले छांगुर गैंग, उसके बाद आगरा, फिर लखनऊ के केजीएमयू और अब मिर्जापुर में लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले ने सनसनी मचा दी है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम की आड़ में शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों इमरान खान और अशफाक खान उर्फ लकी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। पुलिस को शक है कि इमरान और अशफाक देश छोड़कर दुबई भाग सकते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए हवाई अड्डों के आसपास विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इमरान खान और अशफाख खान उर्फ लकी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। इमरान पहले भी दुबई आता जाता रहा है। पुलिस को सर्विलांस के दौरान फोन कॉल्स के जरिए आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग से जुड़ी अहम जानकारी मिली है।
मोबाइल से मिले महिलाओं के वीडियो
मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे धर्मांतरण रैकेट का खुलासा उस समय हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर कॉल की। शिकायत के बाद पुलिस को एक मोबाइल फोन से पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला, जिसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और यहां तक कि निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं।
इस फोल्डर में अलग-अलग जिमों से जुड़े आरोपियों के साथ महिलाओं की तस्वीरें भी मौजूद थीं। डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसके बाद मिर्जापुर के कई जिमों पर छापेमारी की गई और गिरफ्तारियां हुईं। इसी दौरान कई अन्य महिलाएं भी सामने आईं और पुलिस के सामने अपनी आपबीती रखी।
अमीर घरों की हिंदू लड़कियां थीं टारगेट
पुलिस के अनुसार आरोपी अमीर घरों की महिलाओं को निशाना बनाते थे। गैंग का एक सदस्य महिला को फंसाने की कोशिश करता था। अगर वह सफल नहीं होता तो दूसरा सदस्य आगे बढ़ता था। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं। शादाब जीआरपी में सिपाही था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
जिम की फंडिंग की भी जांच
एएसपी सिटी ने बताया- KGN और बी फिट जिम के सेटअप में लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनर को 10 से 15 हजार रुपए वेतन मिलता था, लेकिन वे ब्रांडेड जूते, कपड़े पहनते और महंगे मोबाइल का इस्तेमाल करते थे। जिमों में पैसा लगाने वालों में जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी और जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस जिम की फंडिंग की भी जांच कर रही है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 24 January 2026 at 13:12 IST