महाकुंभ को लेकर खालिस्तानियों ने धमकी दी है, इस पर पुलिस क्या कर रही है? DGP प्रशांत कुमार ने विस्तार से बताया

रिपब्‍लिक मीडिया नेटवर्क के 'महाकुंभ महासम्मेलन' में यूपी पुलिस के मुखिया डीजीपी प्रशांत कुमार ने महाकुंभ से लेकर संभल तक प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था पर विस्‍ता

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DGP Prashant Kumar | Image: Republic

रिपब्‍लिक मीडिया नेटवर्क के 'महाकुंभ महासम्मेलन' में यूपी पुलिस के मुखिया डीजीपी प्रशांत कुमार ने महाकुंभ से लेकर संभल तक प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था पर विस्‍तार से चर्चा की। महाकुंभ की सुरक्षा पर बात करते हुए प्रशांत कुमार ने कहा कि महाकुंभ को लेकर दी जा रही हर एक धमकी को यूपी पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा है कि धमकी के बावजूद महाकुंभ में आने वाले हर श्रद्धालु की जल थल और नभ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा है कि महाकुंभ में सात लेयर की सुरक्षा व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा है कि यूपी पुलिस की ओर से सुरक्षा की सभी तैयारी पूरी हो चुकी है। अलग-अलग सुरक्षा और जांच एजेंसियां अपने स्तर पर इन धमकियों की जांच कर उचित कार्रवाई कर रही हैं। धमकी चाहे जितनी भी क्यों ना आए लेकिन श्रद्धालुओं को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम

डीजीपी ने बताया कि मेला क्षेत्र को पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों से कवर किया जाएगा। इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट की तरफ से आपदा, आग, और डूबने से बचाव के लिए 200 करोड़ रुपये के विशेष उपकरण खरीदे गए हैं। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए टेथर्ड ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर किसी भी अफवाह या दुष्प्रचार पर रोक लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञ और डिजिटल वॉरियर तैनात किए गए हैं।

सुरक्षा में AI की भी अहम भूमिका

DGP प्रशांत कुमार ने महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर कहा कि महाकुंभ हमारे लिए एक बड़ा अवसर है। हम पिछले दो वर्षों से इसकी तैयारी कर रहे हैं। इस महाकुंभ में करीब 40 से 45 करोड़ लोग 45 दिनों के भीतर प्रयागराज आएंगे। इस दौरान किसी भी प्रकार के हादसे से बचने के लिए हम तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

DGP प्रशांत कुमार ने बताया कि इस साल मेला क्षेत्र में 200 करोड़ रुपए की लागत से नए उपकरण खरीदे गए हैं। पूरे मेले की सुरक्षा के लिए AI-Enabled CCTV सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत हो सके। महाकुंभ की सुरक्षा के लिए पुलिस बल के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा, अफवाहों को रोकने के लिए डिजिटल वारियर्स की टीम बनाई जा रही है, जिसमें स्कूल और कॉलेज के बच्चे भी शामिल होंगे।

साइबर सुरक्षा के लिए देश की साइबर क्राइम एजेंसियों से मदद ली जा रही है। इनमें से कुछ एजेंसियां प्रयागराज में मेला क्षेत्र में अपना ऑफिस भी खोलेंगी। DGP ने पीलीभीत में हुए एनकाउंटर का भी जिक्र किया, जिसमें खालिस्तान समर्थित तीन लोगों को मारा गया। एनकाउंटर पर उठे सवालों के जवाब में DGP प्रशांत कुमार ने कहा कि फेडरल सिस्टम में राज्य पुलिस के बीच अच्छा समन्वय होना चाहिए। यह काम सही तरीके से किया गया है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 8 January 2025 at 18:15 IST