'चढ़ावा चोरी में साधु-संतों को बदनाम करना आश्चर्यजनक, ये आरोप वो लगा रहे, जिन्होंने भगवान राम को...', CM योगी ने सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रवैये की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के हंगामे को अलोकतांत्रिक, शर्मनाक और सदन के नियमों की अवमानना करार दिया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि नियम 59 के तहत, अदालत या आयोग के समक्ष लंबित किसी भी संवेदनशील विषय पर सदन में बिना अध्यक्ष की विशेष अनुमति के चर्चा नहीं की जा सकती है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य विधानसभा में विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के आचरण पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने विपक्षी दलों के व्यवहार को अलोकतांत्रिक, शर्मनाक और संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना करार दिया। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिनका मुख्य उद्देश्य केवल सदन में हंगामा खड़ा करना और भ्रम फैलाना हो, उन्हें किसी भी तरह से लोकतांत्रिक नहीं माना जा सकता है।
दान चोरी नहीं, SIT जांच से सामने आई सच्चाई
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े आरोपों पर स्थिति साफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा 'दान चोरी' का जो शोर मचाया जा रहा है, वह पूरी तरह निराधार है। यह मामला वास्तव में प्रसाद से संबंधित था। मीडिया में खबरें आने के बाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद राज्य सरकार को पत्र लिखकर एसआईटी (SIT) जांच की मांग की थी। सीएम योगी ने याद दिलाया कि ट्रस्ट अदालत द्वारा गठित एक स्वायत्त धर्मार्थ संस्था है, और बिना उसके अनुरोध या कोर्ट के आदेश के सरकार सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती थी। सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए SIT का गठन किया, जिसने 23 जून को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और 8 दोषियों को पकड़ा गया।
साधु-संतों और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी संत या साधु की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। परिसर में काम करने वाले 1100 से अधिक कर्मचारियों में से केवल 8 लोगों की भूमिका सामने आई, जिन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पूरा मामला अदालत की निगरानी में है। इसके बावजूद, सपा और कांग्रेस द्वारा पूरे अयोध्या धाम, मंदिर ट्रस्ट और संतों को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जो उनकी पुरानी राम-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
सदन के नियमों की उड़ाईं धज्जियां
विधानसभा के भीतर विपक्ष के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि सदन नियमों और स्थापित परंपराओं से चलता है। नियम 59 के तहत, जो मामला कोर्ट या किसी आयोग के समक्ष विचाराधीन हो, उस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में उचित प्रक्रिया का पालन करने का आश्वासन देने के बावजूद, समाजवादी पार्टी ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई। अदालत में लंबित मामले पर हंगामा करके विपक्ष ने न केवल विधानसभा का अपमान किया है, बल्कि जारी न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने का भी शर्मनाक प्रयास किया है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 4 August 2026 at 15:55 IST