UP: हाईवे पर नकली अफसरों का 'काला खेल'! NH 28 पर अवैध वसूली करने वाले दो शतिर गिरफ्तार, लग्जरी गाड़ी से रेकी कर फंसाते थे शिकार

उत्तर प्रदेश कुशीनगर जनपद में पुलिस ने हाईवे पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

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UP: हाईवे पर नकली अफसरों का 'काला खेल'! NH 28 पर अवैध वसूली करने वाले दो शतिर गिरफ्तार, लग्जरी गाड़ी से रेकी कर फंसाते थे शिकार | Image: Republic

Kushinagar News: उत्तर प्रदेश कुशीनगर जनपद में पुलिस ने हाईवे पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को जीएसटी अधिकारी बताकर ट्रक चालकों से अवैध वसूली करता था। थाना पटहेरवा थाना क्षेत्र में 28 मार्च 2026 की सुबह पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गोविंद शर्मा और संदीप यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक सफेद कार, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया है।

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त थे।पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।

अफसर बनकर रचते थे साजिश, डराकर ऐंठते थे मोटी रकम

इस गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित और चौंकाने वाला था। आरोपी खुद को जीएसटी विभाग का अधिकारी बताकर हाईवे पर गुजरने वाले ट्रक, डीसीएम और ट्रेलर को रोकते थे। इसके बाद वे चालकों से कागजात मांगते और उनमें छोटी-छोटी कमियां निकालकर उन्हें फंसाने की धमकी देते थे। ड्राइवरों को यह कहा जाता था कि अगर तुरंत पैसे नहीं दिए गए तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा या वाहन जब्त कर लिया जाएगा।

इस डर से कई चालक मौके पर ही पैसे देने को मजबूर हो जाते थे।पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी विशेष रूप से बाहरी राज्यों के वाहनों को निशाना बनाते थे। उन्हें पता था कि ऐसे चालक स्थानीय स्तर पर शिकायत करने से बचते हैं, जिससे उनका अपराध लंबे समय तक चलता रहा। इस तरह गिरोह ने हाईवे पर भय का माहौल बनाकर लाखों रुपये की अवैध वसूली की।

रेकी, नेटवर्क और लग्जरी गाड़ी...ऐसे चलता था पूरा खेल

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह पूरी योजना के साथ काम करता था। आरोपी पहले से ही हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों की रेकी करते थे और फिर सही समय पर उन्हें रोकते थे। उनके पास मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहने की व्यवस्था थी। स्कॉर्पियो जैसी गाड़ी का इस्तेमाल कर वे खुद को असली अधिकारी जैसा दिखाते थे, जिससे ड्राइवर आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे।

गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते थे—कुछ वाहन पहचानते, कुछ रोकते और कुछ वसूली का काम संभालते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई तक जाने की कोशिश कर रही है, ताकि पूरे रैकेट का खुलासा हो सके।

पुलिस का सख्त एक्शन, पूरे रैकेट को खत्म करने की तैयारी

इस मामले में कुशीनगर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि हाईवे पर इस तरह की अवैध वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

साथ ही, हाईवे पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।आम लोगों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही ऐसे अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकती है।

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(कुशीनगर से पीके विश्वकर्मा का रिपोर्ट)
 

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 28 March 2026 at 19:47 IST