साधू फलहारी बाबा मर्डर केस: बेटे की मौत का बदला लेने के लिए पिता ने की हत्या, 40 घंटे में पुलिस ने हत्यारों को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद मे दो दिन पहले हुए साधू फलहारी बाबा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।
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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद मे दो दिन पहले हुए साधू फलहारी बाबा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। एक सनकी पिता ने अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए दोस्त के साथ मिलकर साधू का हत्या की थी। तीन साल पहले पुजारी के मार से क्षुब्ध 9 वर्षीय बेटे ने नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। पिता बेटे की मौत की वजह पुजारी को मानता था।
आपको बता दें कि पुलिस के लिए फलहारी बाबा (साधू) हत्याकांड का खुलासा चैलेंज बन गया था। घटना के 40 घंटे की कड़ी मेहनत और जांच के बाद पुलिस ने हत्या का खुलासा कर राहत की सांस लिया है।
ऐसे रची गई थी फलहारी बाबा की हत्या की कहानी
कुशीनगर जिला मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि बरवापट्टी थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पुजारी बालक नाथ उर्फ फलहारी बाबा की हत्या का पुलिस ने 40 घण्टे के भीतर खुलासा किया है। जिसमे दो लोगो को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की पूछताछ में मुख्य अभियुक्त राजकरन महतो ने बताया कि उसका सबसे छोटा बेटा नन्दलाल जिसकी उम्र 9 साल थी जो फलहारी बाबा के साथ मंदिर पर रहता था।
बाबा जी उसकी देखभाल करते थे। 3 से 4 साल पहले किसी बात को लेकर पुजारी बाबा ने बेटे नंदलाल को मंदिर से डांटा और मारकर खदेड़ दिया। जिससे क्षुब्ध होकर बेटे ने नारायणी नदी में कूद अपनी जान दे दी। तबसे राजकरन पुजारी बाबा को दोषी मानता था। रविवार को रात में अपने बिहार के मित्र संग मंदिर पहुंचा और कमरे में ही चाकुओं से हमला कर दिया। बाबा भाग कर सड़क पर आए और गिर गए। वहां भी उन पर वार किया गया। जिससे उनकी मौत हो गयी। अभियुक्तों की निशानदेही पर आलाकत्ल भी बरामद हुआ है। अब पुलिस ने उन्हें जेल भेजा हैं।
फलहारी बाबा की हत्या के बाद मचा था सियासी घमासान
सोमवार की भोर में हुई हत्या के बाद देर शाम को पोस्टमार्टम के बाद बाबा का शव अमवा खास के खपरधिक्का गांव के मंदिर पर पहुंचा। रात भर ग्रामीण और भारी पुलिस बल मौके पर रही। मंगलवार को मकर संक्रांति के दिन फलहारी बाबा का अंतिम संस्कार राम जानकी मंदिर परिसर में हुआ। अन्तिम संस्कार में हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू भी रहे। वही पुलिस महकमें को कटघरे में खड़ा करते हुए 30 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस का हत्यारों तक पुलिस के नही पहुंच पाने पर पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताया था। अब पुलिस ने खुलासा कर राहत की महसूस किया है।
एसपी द्वारा टीम को दिया पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक कुशीनगर संतोष मिश्रा द्वारा इस सराहनीय कार्य के लिए गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25,000/- रुपये से पुरस्कृत किया गया।
(कुशीनगर से पीके विश्वकर्मा की रिपोर्ट)
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 15 January 2025 at 23:35 IST