अपडेटेड 7 January 2026 at 20:39 IST
UP: नाबालिग का अपहरण, 2 घंटे तक काली स्कॉर्पियो में गैंगरेप...कानपुर पुलिस के दारोगा ने किया खाकी को बदनाम; गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित
उत्तर प्रदेश के कानपुर में नाबालिग लड़की का अपहरण कर गैंगरेप करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गौरव त्रिवेदी की स्पेशल रिपोर्ट
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में नाबालिग लड़की का अपहरण कर गैंगरेप करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में दूसरा आरोपी जो दारोगा है अभी भी फरार है। पुलिस ने घटना में प्रयोग किए गए काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली है। इस घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में सचेंडी थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी दारोगा की गिरफ्तारी और पीडि़ता के मेडिकल रिपोर्ट के बाद गैंगरेप की घटना की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
आपको बता दें कि पीड़िता के भाई ने पुलिस को बताया था कि सोमवार रात वह ड्यूटी से घर पहुंचा तो 14 वर्षीय बहन के बारे में घरवालों से पूछा। इस पर उन्होंने उसके शौच जाने की जानकारी दी। काफी देर बाद भी उसके न लौटने पर घरवालों ने खोजबीन शुरु की, लेकिन वह नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद किशोरी रोते हुए घर पहुंची और बताया कि काले रंग की स्कार्पियो सवार दो युवकों ने अंधेरे का फायदा उठाकर उसे कार से अगवा कर झांसी रेलवे लाइन किनारे ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
दारोगा की तस्वीर आई सामने, स्कॉर्पियो गाड़ी पुलिस ने किया बरामद
मामले में तहरीर दर्ज करने के बाद पुलिस ने जब छानबीन की तो दोनों आरोपियों का पता चला। पुलिस ने एक आरोपी शिवबरन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वो पेशे से पत्रकार बताया जा रहा है। वहीं दूसरे आरोपी की पहचान अमित मौर्य के रूप में हुई है। अमित मौर्या भीमसेन चौकी का है इंचार्ज। वारदात वाली जगह इसी पुलिस चौकी के अंतर्गत आती है।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि आरोपी दरोगा अमित मौर्या को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि तहरीर में आरोपियों के खिलाफ पॉस्को एक्ट भी जोड़ा गया है। वहीं गिरफ्तार शिवबरन यादव का कहना है कि वो निर्दोष है और साजिश के तहत उसे फंसाया जा रहा है।
पुलिस ने पार की संवेदनहीनता की हद
जानकारी के मुताबिक घटना के तुरंत बाद बदहवास भाई जब चौकी और थाने पहुंचा, तो उसे न्याय मिलने के बजाय पुलिस की संवेदनहीनता का सामना करना पड़ा। आरोप है कि जैसे ही उसने दरोगा अमित मौर्य का नाम लिया, पुलिसकर्मियों ने उसे डांटकर थाने से भगा दिया। पीड़ित परिवार को इंसाफ की गुहार लगाते हुए करीब 24 घंटे तक भटकना पड़ा, जिसके बाद जाकर पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 7 January 2026 at 19:05 IST