अपडेटेड 5 February 2026 at 11:14 IST
Kanpur News: अमेरिकी टैरिफ घटने से लेदर निर्यातकों को राहत, व्यापार बढ़ने की उम्मीद के साथ फिर शुरू हुईं बंद पड़ी मशीने
कानपुर की लेदर इंडस्ट्री को अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ में कटौती के बाद बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से ठप पड़ा एक्सपोर्ट कारोबार अब दोबारा रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है।
गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट
कानपुर की लेदर इंडस्ट्री को अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ में कटौती के बाद बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से ठप पड़ा एक्सपोर्ट कारोबार अब दोबारा रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। शहर की कई लेदर फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन दोबारा शुरू होने लगा है और काम बंद होने के कारण निकाले गए मजदूरों को भी चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाया जा रहा है। टैरिफ लगने के बाद हालात ऐसे हो गए थे कि फैक्ट्रियों में करोड़ों की मशीनें खाली पड़ी रहीं, जबकि अमेरिका के लिए तैयार माल गोदामों में जमा होता चला गया।
मजबूरी में एक्सपोर्टर्स को वह माल भारी डिस्काउंट पर निकालना पड़ा, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इसके चलते कई फैक्ट्रियों में महीनों तक प्रोडक्शन बंद रहा और लगभग आधी वर्कफोर्स को काम से हटाना पड़ा। अब टैरिफ कट और यूरोप के साथ नई ट्रेड डील के बाद एक्सपोर्टर्स को इसे “डबल बूस्ट” के तौर पर देखा जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे न सिर्फ अमेरिका का बाजार दोबारा खुलेगा, बल्कि यूरोप से भी नए ऑर्डर मिलेंगे। इससे आने वाले समय में कानपुर की लेदर इंडस्ट्री के पूरी तरह पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
कानपुर के लेदर कारोबारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से देशभर के निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, वह अब सामने आया है। इससे न सिर्फ पुराने नुकसान की भरपाई हो सकेगी, बल्कि अमेरिका के साथ कारोबार को और आगे बढ़ाने का मौका भी मिलेगा। उद्यमियों का मानना है कि साउथ ईस्ट एशिया के कई देशों के मुकाबले अब भारत पर अमेरिकी टैरिफ सबसे कम हो गया है, जिससे भारतीय उत्पाद ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
इन उत्पादों का होता है निर्यात
यूपी और कानपुर से अमेरिका को एपेरल, टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, सैडलरी और मशीनरी गुड्स का निर्यात किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में यूपी से अमेरिका को 36 हजार करोड़ रुपये और कानपुर से करीब 2,500 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। टैरिफ घटने के बाद अब निर्यातकों को एक बार फिर अच्छे दिनों की उम्मीद बंध गई है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 5 February 2026 at 11:14 IST