Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर CM योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी'; मथुरा को दी 1051 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

Janmashtami 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की धरा से प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।

 
Follow :
Yogi Adityanath Janmashtami 2026 | Image: UP CMO X

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की धरा से प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण, 437 करोड़ से अधिक लागत की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। साथ ही आवास योजना के लाभार्थियों के खाते में 72 करोड़ से अधिक की धनराशि स्थानांतरित की गई। इस अवसर पर संत विजय कौशल जी महाराज, गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, सांसद हेमा मालिनी के साथ कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे। 

सीएम ने ब्रज, अयोध्या, काशी आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भले ही मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे हमारी भक्ति को कभी नहीं डिगा पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का स्वरूप दिया। संगीत को साधना बनाया और इसे समाज की चेतना से जोड़ा। उनकी साधना ने एक सम्राट को भी भक्ति रस के साथ जोड़ने का अद्भुत कार्य किया। महान संगीतज्ञ तानसेन स्वामी हरिदास जी के शिष्य थे।

विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा

उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि हम लोगों ने लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग के चश्मे से देखने की कोशिश की। विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा। 

2017 से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव होता था

सीएम योगी ने कहा कि अब मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव क्षेत्र जिस विरासत और उत्सव के लिए जाना जा रहा है, वह 2017 के पहले संभव नहीं था। सीएम ने जून 2016 के जवाहर बांग कांड के उपद्रव और इसमें 29 लोगों के मारे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें हमारे दो पुलिस अधिकारी भी बलिदान हुए थे। ऐसे उपद्रव प्रदेश में उत्सव, विकास, सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण की कल्पना कौन कर सकता था। 

विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन वे श्रीकृष्ण, राधारानी की स्मृति को नहीं मिटा पाए

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण, सनातन की निरंतरता का इतिहास है। मथुरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशव देव मंदिर ने कई आक्रमण सहे हैं। विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, लेकिन वे श्रीकृष्ण, राधारानी की स्मृति को नहीं मिटा पाए। न जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही वृंदावन की भक्ति। न बरसाना की होली थमी और न गोवर्धन की परिक्रमा। यही है सनातन और ब्रज की शक्ति।

हर क्षेत्र में है विरासत 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत केवल किसी भौतिक वस्तु में नहीं होती। यह हमारे मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, खगोल ज्ञान, लोक व ज्ञान परंपराओं में भी है। डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसमें नए आयाम (विरासत, विकास, आस्था, आर्थिकी, परंपरा और परिवर्तन भी) और आधुनिकता को भी जोड़ा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य, सारनाथ, कुशीनगर जैसे तीर्थ स्थलों का विकास कर हम वर्तमान और भावी पीढ़ी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उन्नयन को बढ़ा रहे हैं। बदलते उत्तर प्रदेश, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत कानून व्यवस्था और विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश आए।

श्री बांके बिहारी मंदिर का भव्य विकास भी होगा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 8 वर्ष में 1000 करोड़ रुपये से ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने अनेक परियोजनाओं को पूरा किया। सुरक्षा, स्वच्छता, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रद्धालुओं का सम्मान हो रहा है। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधा कुंड, गोकुल, बलदेव, मथुरा आदि को पर्यटन विकास से जोड़ा जा रहा है। 84 कोसी, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, कुंडों का पुनरुद्धार हो रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय का संरक्षण प्राप्त हुआ तो श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का भव्य विकास भी होगा। वृंदावन में रोपवे, मेगा पार्किंग और मथुरा में राया अर्बन नोड जैसी परियोजनाओं के जरिए ब्रज के आधुनिक भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास प्रारंभ हुआ है।

इसे भी पढ़ें- Janmashtami 2026: 4 या 5 सितंबर को... जनमाष्टमी किस दिन है? मथुरा-वृंदावन में कब मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, जानिए सबकुछ

 

 

Published By : Kritarth Sardana

पब्लिश्ड 3 September 2026 at 22:29 IST