'हर जूते मारने पर एक करोड़ रुपये दूंगा...', भगवान श्रीकृष्ण को नमाजी बताने वाले मौलाना जरजिस पर भड़के जगद्गुरु परमहंस आचार्य, सरकार से की ये अपील
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने घोषणा की कि मौलाना जरजिस अंसारी को जितने जूते मारो, उतने करोड़ हमसे ले जाओ। साथ ही कहा कि हमारे आराध्य का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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Jagadguru Paramhans Acharya: भगवान श्री कृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताने वाले मौलाना जरजिस अंसारी के विवादित बयान पर बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब इस पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौलाना जरजिस को जितने जूते मारे, उतने करोड़ हमसे ले जाओ।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मौलाना जरजिस अंसारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पांच वक्त के नमाजी थे। अपने इस दावे को सही साबित करने के लिए मौलाना ने एक जनसभा में श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक का भी संदर्भ दिया। उन्होंने तर्क दिया कि भगवान श्रीकृष्ण ने पूर्ण रूप से ईश्वर की इबादत करने की सीख दी थी और वे खुद भी पांच वक्त की नमाज पढ़ा करते थे। उनके इसी बयान पर बवाल मचा है।
'…तो इस्लामिक देशों में हाय तौबा मच गया होता'
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, 'मौलाना जरजिस अंसारी ने सनातियों के परम आराध्य भगवान श्री कृष्ण को लेकर अति निंदनीय बयान दिया है। अगर इस तरह का बयान कोई सनातनी मौलाना या उनके नबी, मजहब आदि को लेकर दे देता तो सभी इस्लामिक देशों में हाय तौबा मच गया होता।'
'मौलाना को जितने जूते मारो उतने करोड़ हमसे ले जाओ'
उन्होंने आगे कहा, 'मौलाना का यह बयान अत्यंत निंदनीय है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौलाना ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण मुसलमान थे और नमाज पढ़ते थे। ऐसे में उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उन्हें फांसी होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं घोषणा करता हूं कि मौलाना जरजिस अंसारी को जो जूता मारेगा, उसे प्रत्येक जूते पर एक करोड़ रुपये मिलेंगे। जितने जूते मारो उतने करोड़ रुपये हमसे ले जाओ।'
जगद्गुरु परमहंस ने सरकार से की ये मांग
साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से नमाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर डाली। उनके मुताबिक, जो कलमा पढ़ते हैं उन्हें लगता है कि अल्लाह के अलावा कोई दूसरा पूजनीय नहीं है। वे लोग सनातन विरोधी हैं। जगद्गुरु परमहंस ने कहा कि इस्लाम और ईसाई विदेशी उपासना है, जबकि भारत की उपासना सनातन है।
‘हमारे आराध्य का अपमान बर्दाश्त नहीं’
वह कहते हैं कि हम (सनातनी) निश्चित रूप से सभी को अपना मानते हैं और सम्मान देते हैं। लेकिन अगर कोई हमारे आराध्य का अपमान करेगा तो वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए बाबा रामदेव और बाबा बागेश्वर जिस तरह हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे हैं वो आज की आवश्यकता है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 17 July 2026 at 16:21 IST