सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बुलडोजर कार्रवाई पर भड़के इमरान मसूद, कहा- मस्जिद की केवल इमारत नहीं टूटी, हमारा दिल भी टूटा है...
इमरान मसूद ने सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से मस्जिद की केवल इमारत नहीं टूटी, हमारा दिल भी टूटा है।
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Imran Masood: सहारनपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित अवैध मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM समेत BSP सवाल उठा रही है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि जिस आदेश के तहत कार्रवाई की गई, वह ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं था। उन्होंने इसे देश के संविधान के साथ अपराध बताया।
इमरान मसूद ने कहा, 'जो कुछ हुआ है, वो देश के संविधान के लिए, प्रदेश की न्यायिक प्रणाली के लिए बहुत ही दुखद है। पहली बात तो जिस आदेश के तहत कार्रवाई की गई, वह ध्वस्तीकरण का आदेश था ही नहीं। उसमें केवल बेदखली का आदेश था और उसमें 22 दिन का समय भी बचा हुआ था। आपने पूरा स्थान एक झटके के अंदर साफ कर दिया। मस्जिद की केवल इमारत नहीं टूटी है। ये हमारा दिल टूटा है।'
हम न्याय मांगने कहां जाएं- इमरान मसूद
उन्होंने आगे कहा, 'ये देश की न्यायिक प्रणाली पर प्रहार किया गया है। हम न्याय मांगने जाएं तो जाएं कहां? किसी भी चीज के ध्वस्तीकरण से पहले 15 दिन की कम से कम मोहलत की बात हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कई-कई बार कहा है। ये संविधान के खिलाफ कृत्य है, देश के संविधान के साथ अपराध किया गया है।'
चुनाव जीतने के लिए मस्जिदें गिरा रहे- ओवैसी
इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'वे सिर्फ यह चुनाव जीतने के लिए मस्जिदें गिरा रहे हैं, दरगाहें और कब्रिस्तान नष्ट कर रहे हैं। वे सिर्फ मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं। कलेक्टर ऑफिस बनने से बहुत पहले से ही वहां मस्जिद मौजूद थी। भाजपा, RSS, प्रधानमंत्री और इस मुख्यमंत्री के मन में मस्जिदों के प्रति नफरत है। इसीलिए आज कानून की धज्जियां उड़ाते हुए और संविधान का मजाक बनाते हुए यह कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह से उत्तर प्रदेश की 'T-फ़ैक्टर' राजनीति से प्रेरित है।'
दूसरे धर्मों का सम्मान न करने वाले सनातनी नहीं हो सकते- अखिलेश
वहीं अखिलेश यादव ने कहा, 'जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे कभी सनातनी नहीं हो सकते। जो लोग दूसरों की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं, वे कभी सनातनी नहीं हो सकते। एक सच्चा हिंदू कभी किसी का अपमान नहीं कर सकता; हमने 'सनातन धर्म' में यही सीखा है। सच्चे सनातनी वे लोग हैं जो सद्भाव को महत्व देते हैं; सद्भाव सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। क्या हाई कोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था? क्या वे सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं कर सकते थे? अधिकारियों ने सरकार के कहने पर मिलीभगत करके यह कार्रवाई की, ताकि उन्हें ऊपरी अदालत से न्याय न मिल सके। आप लोगों से न्याय का अधिकार छीन रहे हैं; इसीलिए मैंने कहा कि अब केवल सौ दिन बचे हैं।'
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 6 September 2026 at 14:13 IST