UP: 'भाषा अनेक, भाव एक' के मंत्र के साथ गूंजा ‘सनातनी शंखनाद’, सनातन संस्कृति, धार्मिक स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण पर हुआ मंथन
महोत्सव का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।
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उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं और युवा शक्ति को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से बीते 21 अक्टूबर 2026 को राष्ट्र निर्माण द्वारा ‘उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव – सनातन शंखनाद 2026’ का आयोजन किया गया। महोत्सव में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, वैचारिक संवाद और संगीतमय कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
महोत्सव का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, सनातन परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।
सनातन संस्कृति और युवा शक्ति का संगम
‘उत्तर प्रदेश युवा महोत्सव – सनातन शंखनाद 2026’ में आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और समकालीन सामाजिक विषयों को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक ढोल वादन से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय परंपराओं की विविधता को प्रदर्शित किया गया। महोत्सव ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने, उसके संरक्षण के प्रति जागरूक होने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पहचानने का अवसर प्रदान किया।
चर्चा के दौरान वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास और सनातन परंपराओं के पुनरुत्थान के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, विंध्याचल धाम के विकास और प्रयागराज महाकुंभ के भव्य आयोजन ने प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाई है।
इन प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के प्राचीन सांस्कृतिक प्रतीकों, धार्मिक परंपराओं और सनातनी मूल्यों को व्यापक सामाजिक पहचान मिली है। उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों को युवाओं के लिए अपनी विरासत को समझने, उससे जुड़ने और उसके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
युवा संवाद में संस्कृति, संविधान और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा
चर्चा में उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियों, धार्मिक पर्यटन और विरासत संरक्षण से जुड़े बदलावों का भी उल्लेख किया गया। युवाओं को सांस्कृतिक परंपराओं और आधुनिक समाज के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने का संदेश दिया गया।
केशवम बैंड की संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ समापन
महोत्सव का समापन केशवम बैंड की ग्रैंड म्यूजिकल नाइट के साथ हुआ। भक्ति संगीत, आधुनिक संगीत और डांडिया की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को उत्सवपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के इस संगम ने युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 24 October 2026 at 17:18 IST