'मैं 900 KM से आया हूं, रोजे में हूं...', पिता मुख्तार अंसारी से मिलने पहुंचे बेटे ने दी ये धमकी!
माफिया मुख्तार अंसारी इस वक्त सांसों के लिए संघर्ष कर रहा है। मंगलवार को मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी मिलने पहुंचे, लेकिन उसी मिलने नहीं दिया गया।
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Mukhtar Ansari News : माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के मुताबिक, उनकी जान को खतरा है। आरोप है कि उन्हें बांदा जेल में स्लो प्वाइजन देकर मारने की कोशिश की जा रही है। मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी के दावा किया है कि उन्हें दो बार खाने में जहर दिया गया है। अलग-अलग मामलों में बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद है।
माफिया मुख्तार अंसारी इस वक्त सांसों के लिए संघर्ष कर रहा है, बीती रात उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे आनन-फानन में बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा। इस वक्त उसका इलाज ICU वॉर्ड में चल रहा है। मंगलवार को मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी मिलने पहुंचे, लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया।
हम कोर्ट जाएंगे- उमर अंसारी
पिता से मुलाकात नहीं होने के बाद उमर अंसारी ने कहा- मैं 900 किलोमीटर से आया हूं, रोजे में हूं। मुझे मेरे पिता से मिलने तक नहीं दिया गया, अब क्या बोला जाये? हम लोग सब्र से है, हम कोर्ट जाएंगे। आज मुझे मिलने नहीं दिया गया, मैं कल फिर अपने पिता से मिलने आऊंगा। उमर ने आरोप लगाया कि डंडा करवाई चल रही है। उमर अंसारी ने आरोप लगाया कि मुलाकातियों की सूची में उनके चाचा सांसद अफजाल अंसारी के साथ उनका नाम होने के बावजूद उन्हें अपने पिता मिलने नहीं दिया गया।
अफजाल अंसारी ने की मुलाकात
मगलवार को माफिया मुख्तार अंसारी से उनके भाई अफजाल अंसारी ने मुलाकात की। अंसारी के मुताबिक, मुख्तार ने उन्हें बताया है कि उन्हें खाने में कोई जहरीला पदार्थ खिलाया गया है और ऐसा दूसरी बार हुआ है। करीब 40 दिन पहले भी उसे जहर दिया गया था और अभी हाल ही में शायद 19 या 22 मार्च को फिर दिया गया है जिसके बाद से उसकी हालत खराब है।
स्लो प्वाइजन देने का आरोप
मुख्तार अंसारी की बिगड़ी सेहत के बीच, प्रशासन उसकी सुरक्षा को लेकर ज्यादा चुस्त-दुरूस्त है। अभी कुछ दिनों पहले ही मुख्तार अंसारी ने वर्चुअल पेशी के दौरान, कोर्ट में बांदा जेल प्रशासन पर स्लो प्वाइजन देने का गंभीर आरोप लगाया था। जिसके बाद, यूपी शासन ने फौरन सुरक्षा व्यवस्था में चूक का हवाला देकर कार्रवाई करते हुए, दो दिन पहले एक जेलर और दो डिप्टी जेलर को निलंबित कर दिया था और बांदा जेल की पूरी सुरक्षा को रिव्यू करने का आदेश दिया था।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 26 March 2024 at 18:55 IST