अपडेटेड 5 January 2026 at 09:44 IST
CM 'योगी की पाती': मुख्यमंत्री योगी ने लिखी प्रदेशवासियों के नाम चिट्ठी, इस खतरे से किया सावधान; जानिए क्या-क्या कहा
CM Yogi Adityanath Letter 'Yogi Ki Paati': सीएम योगी आदित्यनाथ ने साइबर क्राइम को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए प्रदेशवासियों के नाम एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे झूठे और भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए निर्दोष लोगों को डराते-धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूले जाते हैं। देश के किसी भी कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।
CM Yogi Adityanath news: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने लोगों को साइबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट को लेकर सतर्क किया। सीएम योगी ने अपने इस लेटर में प्रदेशवासियों से जागरूक रहने और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक विशेष पत्र 'योगी की पाती' साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाया है, परंतु इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं।
साइबर क्राइम रोकने के लिए सरकार उठा रही कदम- CM योगी
सीएम योगी ने बताया कि किस तरह से सरकार साइबर क्राइम रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जहां यूपी में केवल 2 साइबर क्राइम थाने थे। आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने क्रियाशील हैं। साथ ही सभी जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है।
‘किसी भी कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं…’
मुख्यमंत्री ने साइबर ठगों के खिलाफ सतर्कता और जागरुकता ही सबसे बड़े शस्त्र बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह साइबर अपराधी 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे झूठे और भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए निर्दोष लोगों को डराते-धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूले जाते हैं। उन्होंने साफ किया कि देश के किसी भी कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस या अन्य कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सऐप, या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है।
CM योगी ने की ये अपील
सीएम योगी ने आगे कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी सावधान रहना होगा। आप जो तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन सार्वजनिक करते हैं, उसके माध्यम से अपराधी पहले आपके बारे में सूचनाएं जुटाते हैं और इन्हीं सूचनाओं को आपके विरुद्ध प्रयोग करते हैं। उन्होंने अपील की कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
उन्होंने आगे कहा कि अगर सावधानी के बाद भी आपके साथ साइबर अपराध हो जाता है, तो सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें। जितना जल्दी आप पुलिस को सूचित करेंगे, बचाव की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होगी।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 5 January 2026 at 09:44 IST