लाल टोपी, कंधे पर गमछा... अखिलेश यादव ने बांटा भंडारा, चुनाव से पहले चले सॉफ्ट हिंदुत्व की राह तो भड़की BJP, कहा- अली को मानने वाले बजरंगबली...

अखिलेश यादव ने बड़ा मंगलवार के दिन भंडारा बांटा और खुद भी चखा, जिसे लेकर वह बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं। अब बीजेपी ने इसे दिखावा करार दिया है।

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BJP Attacked on Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भंडारा बांटने को लेकर राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने कहा कि आज यह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं, भंडारों में जा रहे हैं और मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ राजनीतिक दिखावा है। वह पाकिस्तान में बैठे उनके 'आकाओं' के इशारे पर काम कर रहे हैं।

बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि जो लोग पहले 'अली' की राजनीति करते थे, वे अचानक बजरंगबली के भक्त कैसे बन गए? अगर उनकी आस्था सच्ची होती तो यूपी में शहरों और स्थानों के नाम बदलने का विरोध नहीं करते। गुर्जर ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने हमेशा हिंदुत्व से जुड़े फैसलों का विरोध किया और अब राजनीतिक मजबूरी में धार्मिक छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं

अखिलेश यादव पाकिस्तान जाएंगे- बीजेपी

नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि अखिलेश यादव पाकिस्तान जाएंगे। लाहौर में इस्लामनगर का नाम बदलकर कृष्णानगर रखने के खिलाफ पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हल्लाबोल करेंगे। साथ ही फिर से पुराना नाम पर रखने की मांग करेंगे।

'खास वर्ग की राजनीति करते हैं अखिलेश…'

इस दौरान बीजेपी विधायक ने पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर नई मस्जिद के निर्माण के मुद्दे का जिक्र करते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह हमेशा एक खास वर्ग की राजनीति करते रहे हैं।

'बंगाल चुनाव में हार के बाद घुटनों पर विपक्ष'

गुर्जर ने आगे कहा कि बंगाल चुनाव में हार के बाद विपक्ष घुटनों पर आ गया है और अब हिंदुत्व की राह पकड़ने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, देश का मुसलमान भी अब अपनी जड़ों को समझ रहा है और यही वजह है कि विपक्षी नेता अपनी राजनीति बचाने के लिए धार्मिक रंग देने में जुटे हैं।

अखिलेश ने बड़े मंगल पर बांटा था भंडारा

बता दें कि अखिलेश यादव बड़ा मंगलवार के दिन लखनऊ में आयोजित भंडारे में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने गमछा ओढ़कर अपने हाथों से श्रद्धालुओं को भंडारे का प्रसाद बांटा। बाद में उन्होंने खुद भी प्रसाद चखा था। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि यही हमारे समाज की मिलीजुली संस्कृति है। यही गंगा-जमुनी तहजीब है, यही भाईचारा और हमारी पहचान है।

उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता ही हमारा लोकतंत्र है। यही हमें हमारा संविधान भी सिखाता है कि हमें हर एक के प्रति दया, प्रेम और अपनापन रखना है।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 20 May 2026 at 20:08 IST