अपडेटेड 7 March 2026 at 15:55 IST
संभल के एसपी केके बिश्नोई की दुल्हनिया बनेंगी बरेली की ‘लेडी सिंघम’ अंशिका वर्मा, राजस्थान में लेंगे सात फेरे
उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे की सबसे पॉपुलर जोड़ी संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा जल्द शादी करने वाले हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे की पॉपुलर जोड़ी संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा जल्द शादी करने वाले हैं। दोनों आईपीएस अधिकारियों की शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में होगी। शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और दोनों परिवारों में जश्न का माहौल है।
सामने आई जानकारी की माने तो, कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका वर्मा की गोरखपुर में साथ तैनाती के दौरान पहचान हुई थी। वहीं से दोनों की बातचीत हुई और जान पहचान का सिलसिला आगे बढ़ा। दोस्ती से रिश्ता प्यार में बदला और दोनों ने अपने-अपने परिवारों को अपने रिलेशनशिप के बारे में बता दिया।
एसपी केके बिश्नोई से शादी करेंगी अंशिका वर्मा
केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा के परिवारवाले इस रिश्ते से खुश हैं और उनकी रजामंदी से ही ये शादी हो रही है। शादी से पहले कपल की हल्दी, मेहंदी जैसे प्री-वेडिंग फंक्शन भी आयोजित किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने केके बिश्नोई से शादी करने की खबरों की पुष्टि कर दी है।
उन्होंने खुलासा किया कि अभी तक कपल की कोई औपचारिक रस्म नहीं हुई है। इसी महीने के अंत में संभल में कुछ फैमिली फंक्शन और रस्में होने वाली हैं। फिर शादी बाड़मेर में धूमधाम से की जाएगी।
कौन हैं केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा?
आपको बता दें कि कृष्ण कुमार बिश्नोई साल 2018 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 174वीं रैंक हासिल की थी। उन्हें अपने काम करने के तरीके और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाना जाता है। उन्हें संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा पर केवल 2 घंटे के अंदर नियंत्रण पाने के लिए काफी सराहा गया था। बिजली चोरी के खिलाफ उनके अभियान का खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में जिक्र किया था।
दूसरी ओर, प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 136वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने 2025 में उत्तर प्रदेश की पहली 'वीरांगना यूनिट' का गठन किया था जिसके तहत महिला कमांडो को ताइक्वांडो और दंगों से निपटने की स्पेशल ट्रेनिंग दी गई थी। इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 7 March 2026 at 15:55 IST