भावुक होना कमजोरी नहीं... केरल की अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा पत्र, बोली- दिसंबर में होनी है मेरी शादी आप प्‍लीज आइएगा

अरुंधति ने सीएम योगी को भेजे अपने पत्र में बचपन की उस मनःस्थिति को साझा किया है, जब छोटी-छोटी बातों पर भावुक होकर रो पड़ना उन्हें खुद अपनी कमजोरी लगने लगा था।

 
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भावुक होना कमजोरी नहीं... केरल की अरुंधति ने सीएम योगी को लिखा पत्र, बोली- दिसंबर में होनी है मेरी शादी आप प्‍लीज आइएगा | Image: Republic

कभी अपनी आंखों में आने वाले आंसुओं को कमजोरी समझने वाली केरल की अरुंधति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सीख जिंदगी का नजरिया बदलने वाली बन गई। बचपन में योगी के एक वीडियो से उन्होंने समझा कि भावुक होना कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को स्वीकार करने का साहस है। वर्षों बाद भी यह सीख उनके जीवन का हिस्सा बनी हुई है।

अब जब अरुंधति विवाह कर अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करने जा रही हैं, तो उन्होंने अपने प्रेरणास्रोत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हाथ से लिखकर दो पेज का पत्र भेजा है और विवाह में शामिल होकर नवदंपती को आशीर्वाद देने का आग्रह किया है। पत्र में शादी का न्योता है, पर उससे भी ज्यादा है- सीएम के प्रति कृतज्ञता का भाव।

जब आंसुओं को कमजोरी मानने लगी थीं अरुंधति

अरुंधति ने सीएम योगी को भेजे अपने पत्र में बचपन की उस मनःस्थिति को साझा किया है, जब छोटी-छोटी बातों पर भावुक होकर रो पड़ना उन्हें खुद अपनी कमजोरी लगने लगा था। उनके कुछ दोस्त उन्हें समझाते थे कि मजबूत बनने के लिए भावनाओं पर काबू रखना जरूरी है। धीरे-धीरे उनके मन में भी यह सवाल घर करने लगा कि क्या आसानी से रो पड़ने वाला व्यक्ति कभी मजबूत बन सकता है?

क्या अपनी भावनाएं जाहिर करना शर्मिंदगी की बात है? इसी दौरान उनके चचेरे भाई ने उन्हें योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो दिखाया। वीडियो में योगी काफी भावुक थे। चचेरे भाई ने समझाया कि योगी जैसा बनो, भावुक होते हुए भी अत्यंत मजबूत। इससे अरुंधति को एक नई दृष्टि मिली। उन्हें यह समझने में मदद मिली कि आंसू किसी व्यक्ति की कमजोरी का प्रमाण नहीं होते। इस अनुभव ने उनके भीतर चल रहे द्वंद्व को बदलने में अहम भूमिका निभाई। जिस भावुकता को वह अपनी कमी मानने लगी थीं, उसे अब वह अपनी सहज मानवीय संवेदना के रूप में देखने लगीं।

योगी की सीख से समझा, मजबूत होने का असली अर्थ

अरुंधति के लिए इस अनुभव का महत्व केवल उस पल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने समझा कि मजबूत होने का अर्थ हर परिस्थिति में भावनाओं को छिपाना नहीं, बल्कि मुश्किलों का सामना करते हुए खुद पर भरोसा बनाए रखना है। गिरने के बाद दोबारा खड़े होना, चुनौतियों के बीच आगे बढ़ना और अपनी जिम्मेदारियों को निभाना ही वास्तविक साहस है।

अरुंधति ने पत्र में लिखा है-‘ जब भी मैं खुद पर संदेह करती हूं,  आपसे मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।‘ अरुंधती का योगी आदित्यनाथ के प्रति सम्मान उनकी सार्वजनिक भूमिका से भी जुड़ा है। उनके लिए उनकी यात्रा मेहनत, दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास का संदेश देती है। इस तरह बचपन में देखे गए एक वीडियो से मिली सीख अरुंधती के लिए आत्मविश्वास का ऐसा आधार बन गई, जिसे वह आज भी अपने जीवन में महसूस करती हैं।

जीवन के सबसे खास मौके पर याद आए प्रेरणास्रोत

अरुंधति और राहुल का विवाह 20 दिसंबर 2026 में केरल के अलुवा स्थित ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में होना है। जीवन के इस खास अवसर पर अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है। लिखा है-‘ मेरे लिए आप एक नेता से कहीं बढ़कर हैं। मैंने आपको हमेशा एक बड़े भाई की तरह देखा है, जिसकी यात्रा ने मुझे हिम्मत और प्रेरणा दी है।‘अरुंधति ने पत्र में मुख्यमंत्री की व्यस्तताओं का उल्लेख करते हुए यह भी लिखा है कि यदि उनके लिए समारोह में पहुंचना संभव न हो, तो उनका शुभकामना संदेश और आशीर्वाद भी उनके लिए बेहद अनमोल होगा। उन्होंने इस बात के लिए आभार जताया कि सीएम योगी की एक सीख ने उन्हें अपनी भावनाओं को कमजोरी मानने के बजाय स्वीकार करना सिखाया।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 17 October 2026 at 19:26 IST