BREAKING: लखनऊ से बड़ी खबर, विवेक तिवारी हत्याकांड में सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल जेल की सजा

Vivek Tiwari Murder Case: एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादत हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल जेल की सजा सुनाई है।

 
Follow :
विवेक तिवारी हत्याकांड में सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल जेल की सजा | Image: X

Vivek Tiwari Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। लखनऊ जिला जज कोर्ट इस मामले में सुनवाई के दौरान सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी करार देते हुए 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, कोर्ट ने गुरुवार को दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी कर दिया था।  

September 21, 2026

29, सितंबर 2018 की रात हत्या

गौरतलब है कि विवेक तिवारी की 29 सितंबर 2018 की रात करीब 1:40 बजे लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद सामने आया तह कि सिपाही प्रशांत चौधरी ने गोली चलाई थी और गोली सीधे विवेक तिवारी को लगी, जिसमें उनकी जान चली गई। इस हत्याकांड के बाद पहली रिपोर्ट 29 सितंबर 2018 को थाना गोमतीनगर में दर्ज कराई गई थी।

सहकर्मीको घर छोड़ने जा रहे थे, तभी...

रिपोर्ट में बताया गया कि घटना वाली रात विवेक तिवारी अपने सहकर्मी सना सिद्दीकी को छोड़ने उसके घर जा रहे थे। इसी बीच घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद सहकर्मी और विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने मामले में केस दर्ज कराया था। इसके बाद मामले की 8 साल तक सुनवाई चली। अब इस मामले में कोर्ट का अंतिम फैसला आया है।

आरोपी 8 साल पहले से ही जेल में बंद

बता दें कि आरोपी प्रशांत चौधरी इस मामले में पहले ही पिछले 8 साल से जेल में बंद है। ऐसे में आज आए कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी को अभी 2 साल और जेल में बिताने होंगे। वहीं, कोर्ट ने गुरुवार को दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी कर दिया था। 

पत्नी ने सजा पर जताया था असंतोष

विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने कोर्ट के इस फैसले पर असंतोष जताया था। उन्होंने कहा 'मैं फैसले से पूरी तरह खुश नहीं हूं। मुझे उम्मीद थी कि प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को उम्रकैद की सज़ा होगी। विवेक तिवारी के भाई राहुल तिवारी कहते हैं, "हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। हम इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में नई पिटीशन फाइल करेंगे और हमारे पास मौजूद सभी कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करेंगे।

September 17, 2026

ये भी पढ़ें: 'बाबर के अनुयायियों को जवाब केवल बजरंगी के भक्त ही दे सकते हैं, राष्ट्र प्रथम...', मेरठ में CM योगी ने भरी हुंकार, सपा पर बोला हमला
 

Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 21 September 2026 at 19:59 IST