'राजनीति में कुछ भी संभव, कौन कब किसके साथ...', सपा-कांग्रेस में सीट बंटवारे पर टकराव को लेकर बोले ओपी राजभर,गेस्ट हाउस कांड का भी किया जिक्र
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा-कांग्रेस के बीट सीटों को लेकर तनातनी हो रही है। इस बीच योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने सीट बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है। गठबंधन और सीट बंटवारे पर मंथन चल रहा है। चुनाव से पहले विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रमुख दलों समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस ने राज्य में 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा ठोका है, जबकि गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा अभी भी लंबित है। इस बीच योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने सीट बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है।
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया है कि सीट शेयरिंग पर बातचीत अक्टूबर महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी। पार्टी का मानना है कि चुनाव की तारीखें नजदीक आने से पहले सीटों की स्थिति साफ हो जानी चाहिए, ताकि टिकट पाने वाले प्रत्याशियों को अपने क्षेत्र में जमीनी स्तर पर तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके। सपा-बसपा और कांग्रेस के बीच चल रहे सीट बंटवारे और राजनीतिक अटकलों को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि राजनीति में कुछ भी संभव है।
कौन कब किसके साथ हो जाए कहा नहीं जा सकता-राजभर
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 1995 के गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाते हुए कहा कि “राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है। कोई जानता था कि 2 जून गेस्ट हाउस कांड के बाद सपा से बसपा का समझौता होगा? समझौता हुआ। दोनों चुनाव लड़े, राजनीति में कहा नहीं जा सकता है कि कौन कब किसके साथ हो जाए।" राजभर का यह बयान मौजूदा गठबंधन समीकरणों के बीच राजनीतिक अनिश्चितता की ओर इशारा करता है।
‘संगठन सृजन’ अभियान पर कांग्रेस
बता दें कि कांग्रेस यूपी में फिलहाल प्रदेश में ‘संगठन सृजन’ अभियान चला रही है। पिछले दो महीनों में AICC और राज्य स्तर के ऑब्जर्वरों ने लगभग हर जिले में 100-100 समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं। इस अभियान की निगरानी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल खुद कर रहे हैं।
कांग्रेस ने कितनी सीटों की मांग?
पार्टी ने साफ कहा है कि भले ही गठबंधन में 150 से अधिक सीटों की मांग हो, लेकिन उसकी तैयारी राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर समानांतर रूप से चल रही है। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनाधार मजबूत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह भी है कि गठबंधन बनने की स्थिति में जहां सहयोगी दल (जैसे सपा) उम्मीदवार उतारेंगे, वहां कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी जीत सुनिश्चित करने में पूरी मदद कर सकें।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 29 September 2026 at 11:27 IST