'चुनाव के तिकड़मी खर्चों की व्यवस्था के लिए 'इलेक्शन सरचार्ज' लगा रही भाजपा', ऐसा क्यों बोले अखिलेश यादव?

अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिजली के बिल के नाम पर भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के तिकड़मी ख़र्चों की व्यवस्था के लिए ‘इलेक्शन सरचार्ज’ लगा रही है।

 
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Akhilesh Yadav | Image: Samajwadi Party/X

Akhilesh Yadav Attacked on Yogi Government: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली बिल के नाम पर भाजपा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के तिकड़मी खर्चों की व्यवस्था के लिए 'इलेक्शन सरचार्ज' लगा रही है।

अखिलेश यादव का कहना है कि जून के महीने में जब आम जनता को बिजली का बिल मिलेगा, तो उसमें हाल ही में की गई बिजली दरों में बढ़ोतरी भी जुड़कर आएगी। इस भारी-भरकम बिल को देखकर आम आदमी को झटका लगेगा।

बिजली बिल देख अंधेरा छाएगा- अखिलेश

अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'जून से बिजली का बिल देखकर आंखों के आगे अंधेरा छाएगा। बिजली के बिल के नाम पर भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के तिकड़मी ख़र्चों की व्यवस्था के लिए ‘इलेक्शन सरचार्ज’ लगा रही है। दरअसल, बिजली के बिल में भाजपा का कमीशन बढ़ा है।'

सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए क्या कहा?

'सरचार्ज' जो कि किसी बिल या टैक्स पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क होता है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए इसे 'इलेक्शन सरचार्ज' (चुनाव कर) का नाम दिया है। उनका आरोप है कि सरकार बिजली बिल के नाम पर जनता से जो एक्स्ट्रा पैसे वसूल रही है। वो इसका इस्तेमाल आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के खर्चों को पूरा करने के लिए करेगी।

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

इस बीच, यूपी उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने जून महीने के बिलों में प्रस्तावित 10 फीसदी एक्स्ट्रा चार्ज लगाने पर रोक लगा दी है। नियामक आयोग ने 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को गैरकानूनी बताते हुए 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज की वसूली को गलत ठहराया।

सरचार्ज पर क्या बोला नियामक आयोग?

दरअसल, उपभोक्ता परिषद ने बिजली विभाग के इस फैसले के खिलाफ लोक महत्व प्रस्ताव दाखिल किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए नियामक आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया। अब हर कीमत पर पावर कॉरपोरेशन को 10 प्रतिशत बिजली सरचार्ज का फैसला वापस लेना होगा। आयोग ने UPPCL से सात दिनों के अंदर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

इससे पहले यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मार्च 2026 के ईंधन अधिभार के नाम पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली का आदेश जारी किया था। इसी के चलते जून के बिजली बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही थी। आम उपभोक्ताओं पर यह अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला था। इस आदेश के तहत बिजली कंपनी पूरे राज्य से 1610 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वसूलने वाली थी।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 2 June 2026 at 10:47 IST