अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से की मुलाकात, चढ़ावा चोरी पर साधा निशाना, कहा- नाम नहीं लूंगा लेकिन एक नेता के नकली डोनेशन कूपन...
लखनऊ में आध्यात्मिक गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। मुलाकात के बाद उन्होंने बीजेपी पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर निशाना साधा और उन्होंने इसे 'महापाप' करार दिया।
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Akhilesh Yadav: लखनऊ में आध्यात्मिक गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलाकात करके बाद बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने गुरुवार को अयोध्या राम मंदिर को मिले दान में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे सनातन धर्म में "महापाप " बताया और मंदिर ट्रस्ट के पूरे पुनर्गठन की मांग की। इस दौरान उन्होंने कहा ‘उन्होंने अपने मतलब के लिए भगवान श्री राम की मर्यादा को तार-तार किया है। उन्होंने महापाप किया है।’
भगवान श्री राम की मर्यादा को तार-तार किया
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने रिपोर्टर्स से कहा, 'अयोध्या में उन्होंने अपने मतलब के लिए भगवान श्री राम की मर्यादा को तार-तार किया है। उन्होंने 'महापाप' किया है। हमारे सनातन धर्म में, धार्मिक चढ़ावे में से चोरी करने से बड़ा कोई पाप नहीं है। हर गांव और घर में इस बात पर चर्चा हो रही है कि उन्होंने दान और चढ़ावे को कैसे संभाला। हमारा हिंदू धर्म और सनातनी लोग बहुत इमोशनल हैं। उन्हें इससे बहुत दुख हुआ है।'
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन (SIT) टीम सिर्फ लीपापोती
अखिलेश यादव ने आगे कहा 'यह SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) क्या है? यह सिर्फ़ 'लीपापोती' है। यह SIT किसने बनाई? मैंने सुना है कि इसका एक सदस्य खुद धोखाधड़ी (सेक्शन 420) के आरोपों का सामना कर रहा है। ऐसा व्यक्ति कैसे जांच कर सकता है? यह एक बड़ा मामला है, जिसमें BJP के बड़े नेता शामिल हैं।'
एक BJP नेता ने "नकली डोनेशन कूपन" छापा-अखिलेश
अखिलेश यादव ने आरोप लगाए हुए कहा 'यह विवाद एक सीनियर BJP नेता के "नकली डोनेशन कूपन" छापने से जुड़ा था।' आगे उन्होंने कहा, 'एक बड़े BJP नेता के नकली डोनेशन कूपन/रसीद छापने का मामला था। मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन अब परतें उधड़ रही हैं। इससे न सिर्फ देश की इमेज खराब होगी, बल्कि इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट भी रुकेगा।'
यादव ने कथित स्कैंडल को लेकर मंदिर ट्रस्ट के ट्रेजरर के इस्तीफे की मांग की, अधिकारियों पर उनकी पार्टी की शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए विपक्ष को टारगेट करने का आरोप लगाया, और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDRs) जारी करने की मांग की, यह दावा करते हुए कि उनमें ज्यादातर BJP के सदस्य शामिल होंगे।
ट्रेजरर को भी इस्तीफा दे देना चाहिए
अखिलेश यादव ने आगे कहा 'ट्रेजरर को भी इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वे भी इसमें शामिल हैं। वे विपक्ष के खिलाफ FIR करते हैं, लेकिन विपक्ष की FIR दर्ज नहीं होती। मैंने सुना है कि कुछ लोग अब पीछे हट रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मंदिर परिसर में 980 बार फोन किया। सभी CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) पब्लिक किए जाने चाहिए। अगर वे पब्लिक किए जाते हैं, तो इसमें शामिल 99.9% लोग BJP के सदस्य निकलेंगे। BJP के अंदर घबराहट पहले ही शुरू हो चुकी है; कई लोग पहले से ही हमसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
सेंट्रल एजेंसियों को लेकर BJP को घेरा
सपा प्रमुख ने कहा, "प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर चुप हैं। जब मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ इतने सारे सवाल उठाए गए हैं, तो इसे पूरी तरह से रीस्ट्रक्चर करने की ज़रूरत है। एक नया CEO अपॉइंट किया जाना चाहिए। यह किसी एक व्यक्ति के बारे में नहीं है; पूरे स्ट्रक्चर को बदलने की ज़रूरत है।'
आगे उन्होंने कहा यह 'दिल्ली बनाम लखनऊ ' की लड़ाई बन गई है। अगर सेंट्रल एजेंसियां (ED, CBI, इनकम टैक्स) सच में इंडिपेंडेंट होतीं, तो वे हमारे वर्कर्स को टारगेट करने के बजाय दीवारों और लोगों के घरों से निकल रहे कैश के बंडलों की जांच करतीं।'
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 9 July 2026 at 20:44 IST