UP पुलिस भर्ती Paper Leak के दावे कितने सच? समझिए, कानून में पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के लिए क्या सजा

उत्तर प्रदेश में पिछले साल जून में योगी आदित्यनाथ की सरकार के नया विधेयक लेकर आई थी। हालांकि राज्य में पहले से ही नकल के खिलाफ दो कानून बने हुए थे।

 
Follow :
सांकेतिक | Image: shutterstock

Uttar Pradesh Anti-Cheating Laws : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 का पेपर लीक (UP Police Paper Leak) होने की खबर सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट के साथ फैल रही है। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड का दावा है कि परीक्षा सकुशल संपन्न हुई है, जबकि पेपर लीक की खबरों को ट्रेंड कराया जा रहा है, जिनकी कोई पुष्टि तक नहीं है। पुलिस भर्ती बोर्ड ये भी कह चुका है कि इन असत्यापित खबरों की जांच जरूर होगी।

उत्तर प्रदेश में 17 और 18 फरवरी को पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 का पेपर हुआ। लाखों युवाओं ने यूपी पुलिस भर्ती का पेपर दिया। 17 फरवरी को सब कुछ ठीक रहा। 18 फरवरी को जब दूसरे दिन पुलिस भर्ती का पेपर हुआ तो देर शाम तक सोशल मीडिया पर पेपर लीक के दावे किए जाने लगे। इन खबरों ने तब और जोर पकड़ लिया, जब राजस्थान जैसे कई राज्यों की घटनाओं पर चुप रहने वाले राहुल गांधी, अखिलेश यादव जैसे नेता यूपी में पेपर लीक के दावों पर सरकार को घेरने लग गए।

विपक्षी नेताओं ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा, 'पिछली अन्य परीक्षाओं की तरह इस बार भी रोजगार देने के नाम पर पेपर लीक होने की जो आशंका थी वो सच होकर समाचारों के रूप में सामने आ रही है। विपरीत परिस्थितियों में जिस प्रकार युवा किसी तरह परीक्षा की तैयारी करते हैं लेकिन भाजपा राज में उनके साथ हमेशा मजाक-सा ही होता है।'

राहुल गांधी ने लिखा, 'सालों के इंतजार के बाद यूपी में एक अदद भर्ती निकली और उस परीक्षा का पेपर भी लीक होने की खबर आ रही है। इस परीक्षा के लिए 60 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन दिया था। सरकार की इस आपराधिक लापरवाही की कीमत लाखों छात्र अपना करियर तबाह कर चुका रहे हैं।'

यह भी पढ़ें: 19 फरवरी को अमेठी में बढ़ेगा सियासी पारा, आमने-सामने होंगे स्मृति-राहुल!

पेपर लीक पर भर्ती बोर्ड का जवाब

इन खबरों पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड कहता है, 'शुरुआती जांच में पाया गया कि अराजक तत्वों ने ठगी के लिए टेलीग्राम की एडिट सुविधा का प्रयोग कर सोशल मीडिया पर पेपर लीक संबंधी भ्रम फैलाईं। बोर्ड और पुलिस इन मामलों की निगरानी के साथ इनके सोर्स की गहन जांच कर रहा है।'

पुलिस भर्ती बोर्ड का 'X' पर एक और पोस्ट आया, जिसमें लिखा- 'बोर्ड की तरफ से अपनी प्रत्येक परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता को बनाए रखने के लि सदैव कटिबद्ध है। बड़े स्तर पर परीक्षा के सकुशल संपन्न होने के बाद ट्रेंड कराई जा रही असत्यापित खबरों को बोर्ड की तरफ से गहनता से पुलिस की सहायता से सत्यापित कराया जाएगा।'

जिस तरह से कई नेताओं और लोगों ने पेपर लीक की खबरों को फैलाया है, उसका बोर्ड की तरफ से साफ-साफ खंडन किया गया है। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस बात की जरूर पुष्टि की है कि कई लोगों को भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़ा गया है। पुलिस ने कई सॉल्वर गैंग का भी खुलासा किया है, जिनके सदस्य परीक्षा के दौरान गिरफ्तार कर लिए गए।

पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के लिए कानून क्या?

उत्तर प्रदेश में पिछले साल जून में योगी आदित्यनाथ की सरकार के नया विधेयक लेकर आई थी। हालांकि राज्य में पहले से ही नकल के खिलाफ दो कानून बने हुए थे। उत्तर प्रदेश पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 1992 और उत्तर प्रदेश पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 1998 में लाया गया था। अभी सबसे नया विधेयक उत्तर प्रदेश पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स, पेपर लीक एंड सॉल्वर गैंग एक्टीविटीज) बिल 2023 आया।

उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने पेपर लीक होने से रोकने और पेपर सॉल्वर गैंग पर लगाम लगाने के कानूनी मसौदा तैयार किया था। कानूनी मसौदे में बकायदा सॉल्वर गैंग को परिभाषित किया गया। साथ में सजा और जुर्माने का प्रावधान रखा गया। मसौदे के मुताबिक, 14 साल जेल और 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। टेक्नोलॉजी के जरिए नकल करने को भी दंडनीय अपराध में शामिल किया गया। इस प्रस्तावित कानून में संपत्ति कुर्क करने का भी प्रावधान रखा गया।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में 7 मार्च को पीएम मोदी कर सकते हैं संबोधन

Published By : Amit Bajpayee

पब्लिश्ड 19 February 2024 at 11:20 IST